फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेज रफ्तार से सड़कों पर दम तोड़ रहीं जिंदगियां

विज्ञापन
विज्ञापन
तेज रफ्तार से सड़कों पर दम तोड़ रहीं जिंदगियां
विज्ञापन

दो माह के भीतर अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की चली गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
नौतनवां (महराजगंज)। कोहरे को चीरकर आगे बढ़ने और प्रकृति को चुनौती देने के जुनून से मार्ग दुर्घटनाओं में काफी इजाफा हो रहा है। लोगों की जाने-अनजाने में की जाने वाली लापरवाही न सिर्फ तेजी से मानव जीवन को लील रही है, बल्कि उनके साथ-साथ अन्य मासूम राहगीरों की भी हंसती-खेलती गृहस्थी को तबाह कर उनके आश्रितों को पूरी जिंदगी रोने पर विवश कर दे रही है।
नौतनवां कस्बे से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग भी उन तमाम सड़कों में से एक है, जिसपर नियम से खिलवाड़ करने वाले न जाने कितने लोग काल के गाल में समा गए। हादसों पर यदि नजर डालें तो इनमें अधिकतर मामले तेज रफ्तार की होड़ तथा नियमों की अनदेखी की ही कहानी बयां करते हैं।
विज्ञापन

क्षेत्राधिकारी अजय सिंह चौहान ने बताया कि यातायात नियम का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। नियम का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी होती है।
दो माह के भीतर हुए हादसों पर एक नजर
केस नंबर 1- 17 नवंबर की शाम खेत से काम कर घर लौट रही बगहा निवासी बुशरा खातून (9) राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम मुड़िला में बाइक की ठोकर से घायल हो गई। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
केस नंबर 2- 30 नवंबर की देर शाम एक चार पहिया वाहन ने छपवा स्थित टोल प्लाजा के पास जोलसू (40) निवासी तिलसरी गेरे, झारखंड को ठोकर मार दिया। गोरखपुर ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
केस नंबर 3- 15 दिसंबर की शाम नौतनवां से जमीन की रजिस्ट्री करा बाइक से घर जा रही कैंपियरगंज थाना के भौराबारी गांव की सुभावती देवी (65) को बनैलिया मंदिर चौराहे के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने ठोकर मार दिया। इसमें महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन

केस नंबर 4- 28 दिसंबर की दोपहर एनएच पर कुरहवा खुर्द में एक तेज रफ्तार ट्रक की ठोकर से पुतरी देवी (65) की मौके पर ही मौत हो गई।
केस नंबर 5- 1 जनवरी की देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ग्राम मुड़िला में दो बाइक की भिड़ंत में अरविंद गौड़ (21) निवासी राजेंद्र नगर कस्बा नौतनवां गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें