महराजगंज। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या एक फूलचंद कुशवाहा ने महिला की हत्या में पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के कथन के अनुसार, राममिलन ने दी तहरीर में बताया था कि बेटी पूनम की शादी 24 नवंबर 2017 को नंदना खपरधिक्का हरपुर टोला थाना घुघली निवासी राजकुमार के साथ की थी। अपने हैसियत के मुताबिक एक लाख रुपये और सामान दिया था। शादी के एक माह बाद पति राजकुमार, ससुर मोतीचंद, सौतेली मां सुनीता देवी, ननद अंजनी और नूतन 50 हजार रुपये और बाइक की मांग करने लगे। न देने पर मारते-पीटते थे और खाना नहीं देते थे। कमरे में बंद कर देते थे।
बेटी ने मोबाइल से पिता को सूचना दी तो वह अपने रिश्तेदारों के साथ उसके ससुराल पहुंचे और घरवालों को कई बार समझाया लेकिन वो अपनी आदत से बाज नहीं आए। पूनम को दो जून 2018 को दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक न देने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया। बेटी रोते-बिलखते मायके पहुंची और आप बीती बताई। तीन जून 2018 को दामाद बेटी को विदा कराकर घर ले गया।
साजिश के तहत ससुरालियों ने उसी रात पूनम की पिटाई कर रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। उक्त मामले में स्थानीय थाना घुघली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। गवाही कराने के उपरांत अभियुक्तों को कड़ी सजा देने की मांग की। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या एक ने पति, सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।