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Maharajganj News: गर्मी से आक्रामक हुए तेंदुओं के तेवर, जंगल में बढ़ी वर्चस्व की जंग

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- वन्य जीवों की निजता में इंसानी दखल और जंगल में बढ़ती वन्य जीवों की संख्या से बढ़ा संकट
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- महाराजगंज में महज 10 दिन में तीन तेंदुओं की मौत ने बढ़ाई वन विभाग की चिंता
- विभाग ने की अपील-घूमने के शौकीन न करें वन्यजीवों की निजता का हनन



महाराजगंज। बीते 10 दिन के भीतर सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य में तीन तेंदुओं की मौत ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग का मानना है कि भीषण गर्मी हम इंसानों के साथ तेंदुए और अन्य वन्य जीवों को भी बेचैन कर रही है। इस बेचैनी की वजह से तेंदुओं में बढ़ती आक्रामकता के चलते जंगल में वर्चस्व की जंग भी तेज हो गई है। इस जंग के बीच वन्य जीवों की निजता में इंसानी दखल और जंगल में वन्य जीवों की बढ़ती संख्या ने वन विभाग की चुनौती बढ़ा दी है।

बीते 10 दिन में तीन तेंदुओं की मौत के बाद विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई है। 14-15 मई को दो तेंदुए की मौत के बाद 24 मई को एक तेंदुआ फिर मरा पड़ा मिला। इसके पहले 19 जुलाई 2025 में भी सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के मधवलिया वन क्षेत्र के सुकरहर गांव के सामने जंगल के समीप एक मादा तेंदुए का शव मिला था। 14 मई को को मृत मिले तेंदुए की मौत की वजह फेफड़े का गंभीर संक्रमण बताया गया था। 15 को एक और तेंदुए की जान आपसी संघर्ष में गई। इसके बाद रविवार को जिस तेंदुए की मौत हुई पोस्टमार्टम में उसका पेट खाली पाया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक उसने कई दिन से कुछ खाया नहीं था। शरीर पर चोट के निशान भी थे।
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डीएफओ निरंजन सुर्वे के मुताबिक ये चोट के निशान आपसी संघर्ष के हो सकते हैं। मुमकिन है कि घायल होने के कारण तेंदुआ शिकार करने में अक्षम हो गया हो और उसका पेट खाली हो। फिलहाल, वन विभाग ने विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए बरेली भेज दिया है। हालांकि, डीएफओ दावा करते हैं कि जंगल में खाना और पानी के पर्याप्त इंतजाम हैं इसलिए भूख से मौत नहीं हो सकती।

428 वर्ग किमी क्षेत्र में 118 तेंदुए, तीन टाइगर भी

सोहगीबरवा वनक्षेत्र 428 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। फरवरी-2026 की गणना में तेंदुओं की संख्या 118 पाई गई हैं। इनमें 51 नर, 41 मादा व 26 शावक हैं। वन विभाग ने मई से अगस्त माह के बीच यहां तीन टाइगर भी छोड़े थे। 2,223 चीतल, 5003 जंगली सुअर, 2326 वनरोज, 1397 वनगाय और 1392 मोर मौजूद हैं। डीएफओ के मुताबिक, कुल 23 प्रकार के जीव-जंतुओं का जंगल में बसेरा है। तेंदुओं की संख्या बढ़ने से सोहगीबरवा वन क्षेत्र उनके लिए छोटा पड़ रहा है। इसके चलते तेंदुओं के आपसी संघर्ष के मामले भी बढ़ रहे हैं। वन क्षेत्र कम तो नहीं हुआ है लेकिन जानवरों के बढ़ने से समस्या बढ़ी है। तेंदुओं को दूसरे जानवरों से नहीं बल्कि अपनी प्रजाति से ही खतरा है। क्योंकि एक नर तेंदुआ नहीं चाहता कि दूसरा नर न रहे। वहीं, गोरखपुर प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. योगेश प्रताप कहते हैं कि इंसान वन्यजीवों के क्षेत्र में जा रहे हैं। यही वजह है कि तेंदुओं के मन से इनका डर निकलता जा रहा है और वे हमलावर होते जा रहे हैं।



वन विभाग ने की लोगों से अपील
- वन विभाग ने ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान तेज करते हुए लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में सहयोग की अपील की है। गांवों में गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं।

- मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। यदि लोग सतर्क रहें और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें, तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है।

- वन विभाग ने घूमने-फिरने के शौकीन लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों की निजता का उल्लंघन न करें और कोर जोन, जहां जाना प्रतिबंधित है वहां प्रवेश करने से बचें।
- बफर जोन तक ही सीमित रहना सुरक्षित और उचित है। डीएफओ के मुताबिक जंगल में जानवरों के लिए 44 वाटर हॉल बनाए गए हैं।



आपसी संघर्ष बन रही बड़ी वजह
तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। तेंदुओं की मौत चिंताजनक है। जंगल की भौगोलिक और पर्यावरणीय स्थिति में बदलाव नहीं आया है। तेंदुओं के आपसी संघर्ष की वजह से इस तरह के मामले आ रहे हैं।
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- अरशद हुसैन, प्रोजेक्ट मैनेजर, वर्ल्ड वाइल्ड सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग



पानी पीते जाते वक्त वक्त टकराव संभव

संभव है कि गर्मी में तेंदुए पानी पीने निकले हों, रास्ते में एक-दूसरे सामना हुआ हो, या फिर एक तेंदुआ दूसरे के क्षेत्र में पानी पीने चला गया हो। गर्मी बैचेनी और आक्रामकता दोनोें बढ़ा रही है, इस वजह से आपसी संघर्ष हुआ हो। आक्रमकता इसलिए भी बढ़ रही है कि इंसान इनकी निजता का हनन कर रहा है। गर्मी में जानवर भी तनाव में रहते हैं। तेंदुओं पर टाइगर के हमला करने की स्थिति नहीं दिखती।
- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक, प्राणि उद्यान, गोरखपुर


इस साल हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 12 जनवरी 2026 को बेलिया गांव में एक तेंदुए ने पांच लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था।

- 18 जनवरी 2026 को निचलौल थाना क्षेत्र के बढ़या मुस्तकिल गांव के टोला गठिहवा में गन्ने के खेत में 20 साल की युवती को तेंदुए ने मार डाला था।

- 6 मई 2026 को अचलगढ़ वनटांगिया गांव के पास सुबह टहलने निकले मुरलीधर, नीरज और ईशा पर हमला कर घायल कर दिया था।

- 10 मई 2026 को निचलौल रेंज के चरभरिया गांव में गन्ना क्रय केंद्र के पास दुलारी देवी समेत तीन लोगों पर तेंदुए ने हमला कर दिया था।
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