निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत मधवलिया वन रेंज के गांव कोहड़वल के टोला सिसवाडीह में महिला पर हमला करने वाले तेंदुए का बुधवार को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद शाम पांच बजे वन रेंज के सिंगरहना ताल के पास छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत मधवलिया वन रेंज के कोहड़वल गांव के टोला सिसवाडीह निवासी रमेश राजभर की पत्नी मंगलवार की सुबह करीब 9.45 बनकटाई आबादी से सटे पश्चिम तरफ खेत में काम करने गई थीं। इस दौरान फसल में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया था, जिससे वह घायल हो गईं थीं। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने आठ घंटे बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया था। उसके बाद उसे रेंज लेकर चले गए थे।
ग्रामीण अंगद भारती, आदि ने बताया कि वन विभाग के पिंजरे में तेंदुआ भले की कैद होकर गांव से चला गया है, लेकिन पिछले कई दिनों से गांव के आसपास घूमकर पालतू जानवरों का शिकार करने के साथ ही अचानक आबादी के पास आकर महिला पर हमला कर घर में घुसने से लोग सहमे हैं। दूसरे दिन अधिकांश लोग घर से नहीं निकले। क्योंकि लोगों को डर सताने लगा है कि आबादी के पश्चिम तरफ सिवान जंगल से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है। तेदुएं के हमले में घायल महिला वनकटाई की हालत में काफी सुधार हो चुका है।
वहीं मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि पिंजरे में कैद तेदुएं को रेंज परिसर लाकर डॉक्टरों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। फिर विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मधवलिया वन रेंज के बीच स्थित सिंगरहना ताल के पास छोड़ दिया गया। गांव में वन विभाग की टीम पहुंची थी। गांव में शांति का माहौल है। उन्होंने कहा कि आबादी के आसपास जंगली जानवर दिखे तो विभाग को तत्काल इसकी सूचना दें।