निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत निचलौल वन रेंज के बजही गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिकार की तलाश में शनिवार की रात एक तेंदुआ घुस गया। यह देख स्वास्थ्य कर्मियों के होश उड़ गए।
वे दरवाजा बंदकर खिड़कियों से निगरानी करते रहे। वह शिकार की तलाश में करीब चार घंटे तक बैठा रहा। उसके बाद जंगल की ओर चला गया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य कर्मी रश्मि सिंह, मंजू मौर्या, अमरसेन मौर्या, शालिनी ने बताया कि शनिवार की रात करीब आठ बजे खाना खाकर वह लोग अस्पताल परिसर में टहल रहे थे। इसी बीच अस्पताल के पीछे के रास्ते से टूटी चहारदीवारी से एक तेंदुआ अस्पताल में आ घुस गया। जिसे देख वे आवास के अंदर चले गए। फिर वह लोग कमरे के अंदर से तेदुएं की हरकत पर नजर रखे रहे। इस दौरान तेंदुआ आधी रात करीब 12 बजे तक शिकार की तलाश में अस्पताल के अंदर बैठा रहा।
शिकार नहीं मिलने के बाद अस्पताल से बाहर निकला। अस्पताल के अंदर तेदुएं की दस्तक से वे काफी डरे हुए हैं।
वहीं अस्पताल से सटे कुछ ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में तेंदुए के घुसने की यह पहली घटना नहीं है। तेंदुआ पिछले तीन दिनों से अस्पताल में घुसकर कुत्तों का शिकार करने के बाद जंगल की ओर लौट जा रहा था, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों को इसकी भनक नहीं लग पा रही थी।
शनिवार की रात भी तेंदुए ने कुत्ते के एक बच्चे का शिकार कर लिया था। फिर दोबारा शिकार करने के लिए अस्पताल में घुसा था। अस्पताल में लगातार तेंदुए की दस्तक से उन लोगों को अनहोनी की आशंका सताने लगी है।