फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों के आश्वासन पर जितेंद्र का हुआ अंतिम संस्कार

विज्ञापन
मृतक के घर उमड़ी भीड़। - फोटो : MAHARAJGANJ
विज्ञापन
अफसरों के आश्वासन पर जितेंद्र का हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन

भारी संख्या में पुलिस रही मौजूद, दोपहर तक मान-मनौवल, चाचा ने दी मुखाग्नि
जिला पंचायत सदस्य के पुत्र की हत्या का मामला
फरेंदा (महराजगंज)। हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव की हत्या के बाद गांव में बुधवार को शव का अंतिम संस्कार कराने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। पूरे दिन अधिकारियों व नेताओं के बीच रस्सा कसी के बाद परिजनों के जिद के आगे पूरा प्रशासन बेबस दिख रहा था। परिजनों की मांगों पर विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई के आश्वासन पर अंतिम संस्कार गांव के बगल में रोहिन नदी के मुर्दाहवा घाट पर किया गया। चाचा सदानंद ने मुखाग्नि दी।
पुरंदरपुर क्षेत्र के हरैया बरगदवा निवासी जिला पंचायत सदस्य अमरावती के पुत्र जितेंद्र यादव की सोमवार को महुअवां गांव के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। पत्नी बबिता ने एक जनप्रतिनिधि पर हत्या कराने की साजिश का आरोप लगा था। पुलिस ने मामले में चार नामजद सहित दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम बाद शव त्रिमुहानी पुल के पास रखकर फरेंदा-महराजगंज मार्ग जाम कर दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन लोगों को मनाने में जुटे थे। परिवार वाले पुलिस पर दबाव में काम करते हुए गलत मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर शव को गांव ले गए। देर रात तक अधिकारी गांव में डटे रहे। सुबह मृतक के भाई जालंधर, सुखदेव, शिवशंकर ने कार्रवाई की मांग करते हुए पांच सूत्री मांगों का पत्र प्रशासन को सौंपा। साथ ही डीएम को मौके पर बुुलाने की मांग की गई। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए सदर एसडीएम आरबी सिंह, एसडीएम फरेंदा राजेश जायसवाल, सीओ अशोक कुमार मिश्रा सहित सर्किल की अन्य थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर लोगों का मनाने में लग गई। पूरा दिन मान मनौवल चलता रहा। करीब दो बजे के बाद परिवार वालों की मांग को प्रशासन से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए पूरा करने का आश्वासन दिया गया तब जाकर लोग अंतिम संस्कार करने को राजी हो गए। प्रशासन की देखरेख में भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

बेटे के शव से लिपट कर रोती रहीं अमरावती
फरेंदा। जिला पंचायत सदस्य अमरावती देवी बेटे के शव से लिपटकर रोती रहीं। उनकी आंखें पथरा गई थीं। बुधवार को अधिकारियों की मौजूदगी में जब अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया तो वह बेटे के शव से लिपट कर रोते हुए बेसुध हो जाती थीं। मां के साथ ही पूरा परिवार गम में डूब गया। पत्नी बबिता, भाई जालंधर, सुखदेव व शिवशंकर के साथ बहने भी शव से लिपट कर रोती रहीं। राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने व मां को जिला पंचायत सदस्य बनाने में जितेंद्र की भूमिका अहम थी। बेटे ने राजनीति के क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने के लिए लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली थी।
विज्ञापन

मृतक के घर पहुंचे सपाई
फरेंदा। जितेंद्र यादव के हत्या के बाद बुधवार को उनके आवास पर पूर्व विधायक विनोद तिवारी, जिलाध्यक्ष राजेश यादव, सैयद अरशद, गंगा यादव, सुरेंद्र यादव, वृजेश विश्वकर्मा, संजय यादव सहित कई अन्य लोग पहुंचें और परिवार वालों की मांगों का समर्थन करते हुए दोषियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इन लोगों ने परिवार वालों को ढाढ़स भी बंधाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें