रेल लाइन निर्माण के सर्वे करती रेलवे की टीम।
महराजगंज। घुघुली से महराजगंज वाया आनंदनगर तक प्रस्तावित 52.70 किलोमीटर लंबी रेल लाइन ने रफ्तार पकड़ ली है। इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरे चरण में शामिल छह गांवों के लिए पहली गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है और जल्द ही इन गांवों में सर्वे का कार्य शुरू होने वाला है।
भूमि अधिग्रहण विभाग ने इस प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए तीन विशेष टीमें गठित की हैं जो गाटा (खसरा) नंबर, खातेदारों के विवरण, भूमि की प्रकृति, और प्रभावित किसानों की स्थिति का विस्तृत सर्वे करेंगी। इस सर्वे के आधार पर अंतिम गजट अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद मुआवजा वितरण और रेल लाइन निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा। जिले में रेल लाइन घुघुली से शुरू होकर महराजगंज होते हुए आनंदनगर जंक्शन तक जाएगी जिसकी कुल लंबाई 52.70 किलोमीटर की है।
परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में घुघुली से महुअवा तक 24.8 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होगा, जबकि दूसरा चरण शेष हिस्से को कवर करेगा। पहले चरण के लिए महुअवा में भूमि पूजन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण के लिए प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
विभाग का कहना है कि दूसरे चरण के तहत छह गांवों खजुरिया, महदेवा, गोबिंदपुर, गोपालपुर, खनुआ और परसिया बुजुर्ग में कुल 20.7932 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इन गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए पहली गजट अधिसूचना जारी हो चुकी है और अगले सप्ताह से सर्वे का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। प्रक्रिया में गाटा नंबर, खातेदारों की जानकारी और भूमि की प्रकृति जैसे महत्वपूर्ण विवरण एकत्र किए जाएंगे।
इसके अलावा प्रभावित किसानों की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा ताकि मुआवजा वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता न हो। सर्वे के बाद प्राप्त डेटा का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जाएगा और इसके आधार पर अंतिम गजट अधिसूचना जारी होगी।