महराजगंज। मुख्यालय स्थित महराजगंज इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले हाईस्कूल के 1050 विद्यार्थी किताबों से हटकर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। यहां एक कमरे में प्रयोगात्मक जानकारी देने व प्रयोग करने की व्यवस्था बनी है। चार माह पूर्व बनी इस प्रयोगशाला से बच्चे बेहतर जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
हाईस्कूल में प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए अलग से नंबर दिए जाते हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन व जीव विज्ञान के लिए प्रत्येक इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के बच्चों के लिए अलग प्रयोगशाला के लिए नियम हैं। 11 व 12 में तो स्कूलों में इसके लिए कक्ष और संसाधन हैं, लेकिन हाईस्कूल में अधिकतर स्कूलों में कोई व्यवस्था नहीं है। 9वीं और 10वीं में बच्चे सिर्फ किताबी ज्ञान के भरोसे रह जा रहे हैं। लेकिन ऐसे स्कूलों को महराजगंज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने राह दिखाई है। उन्होंने स्कूल के कुछ मदों में बचे पैसे व अपने पास से बाकी रुपया लगाते हुए संसाधन युक्त प्रयोगशाला का निर्माण कराया है। इसमें लगभग 40 हजार रुपये खर्च जरूर हुए लेकिन स्कूल के बच्चों को इस प्रयोगशाला से कुछ नया सीखने और समझने का मौका मिल रहा है। इसी प्रयोगशाला में बच्चों ने विज्ञान शिक्षक की देखरेख में चंद्रयान का माॅडल तैयार किया जिसकी खूब तारीफ हुई। आज भी यह मॉडल प्रधानाचार्य के कक्ष में सुरक्षित रखवाकर आगंतुकों को दिखाया जाता है। इसके अलावा रासायनिक क्रियाओं को समझने, जंतुओं वनस्पतियों तथा भौतिक विज्ञान के शोध में आसानी रहती है। बच्चे खाली घंटे का सदुपयोग प्रयोगशाला में करते दिखते हैं जिससे यह सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं प्रयोग से मिले निष्कर्ष से भी अपनी दक्षता को मजबूत कर रहे हैं।
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बच्चों की उत्सुकता को देखते हुए हाईस्कूल के बच्चों के लिए अलग प्रयोगशाला की व्यवस्था करा दी गई है। बच्चे इससे बेहतर तरीके से जानकारी ले रहे हैं।
- डाॅ. सुजीत चौधरी, प्रधानाचार्य, महराजगंज इंटर कॉलेज