महराजगंज। केएमसी मेडिकल कॉलेज में 50 सीटें एमबीबीएस की बढ़ गई हैं। इसके पहले 150 सीटें थीं। अब एक साथ 200 छात्र छात्राओं का प्रवेश हो सकेगा। मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से सीटें बढ़ने के बाद अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है।
केएमसी मेडिकल कॉलेज डीन प्रोफेसर डॉक्टर संकल्प द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने सत्र 2025-26 के लिए 150 की जगह पर 200 एमबीबीएस के छात्रों का प्रवेश लेने की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कालेज में हाई टेक लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। पाठ्यक्रम एनएमसी के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है और छात्रों को नैदानिक प्रौद्योगिकी, नैदानिक शिक्षा और अनुसंधान में एक मजबूत आधार प्रदान करता है। एमबीबीएस पाठ्यक्रम की अवधि 5.5 वर्ष है, जिसमें एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप भी शामिल है। एमबीबीएस कार्यक्रम के अलावा, संस्थान का लक्ष्य भविष्य में शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए स्नातकोत्तर (पीजी) के बाद चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू करना है।
केएमसी मेडिकल कालेज में जनसंपर्क अधिकारी डॉ. देव चंद्र कुशवाहा ने बताया कि अहृदय रोग विभाग, न्यूरो सर्जरी एवं न्यूरो मेडिसिन विभाग, फीटल मेडिसिन विभाग, गैस्ट्रोलॉजी विभाग, यूरोलॉजी विभाग सहित विभिन्न उच्चीकृत की सुविधाओं से युक्त सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मेडिकल काॅलेज में कैथ लैब की सुविधा होने से मरीजों की जांच और इलाज में आसान हो रही है। सामान्य तौर पर हृदय रोगियों को इलाज के लिए गोरखपुर, लखनऊ और बड़े सेंटर पर जाना पड़ता है जो काफी खर्चीला है। अब जटील रोगों का इलाज केएमसी मेडिकल काॅलेज में हो रही है।
कोट
मेडिकल काॅलेज में अनुशासन के साथ बेहतर ढंग से शिक्षा दी जा रही है। सीटे बढ़ने से अधिक छात्र-छात्राओं का प्रवेश हो सकेगा। मेडिकल काॅलेज में अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
विनय कुमार श्रीवास्तव, चेयरमैन, केएमसी मेडिकल काॅलेज