फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: गोरखपुर आते ही जार्डन ने रखा निजी अधिवक्ता, 10 को होगी जमानत पर सुनवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
सेशन कोर्ट में दाखिल की जमानत याचिका
विज्ञापन


नीलोत्पल दुबे
महराजगंज। 11 जुलाई को सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए विदेशी नागरिक ने कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए एक निजी अधिवक्ता को रख लिया है। अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को जिला जज (सेशन कोर्ट) में जमानत की याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई 10 अगस्त को सुनवाई होगी।वहीं, अपर सत्र न्यायालय देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत में विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से विदेशी नागरिक को उपलब्ध अधिवक्ता आशुतोष पांडेय ने सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल होने की जानकारी देते हुए हैरत जताई है।
आशुतोष पांडेय ने बताया कि महराजगंज जिला कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान जार्डन ने खुद को असहाय बताकर निशुल्क वकील के लिए जेल अधीक्षक के मार्फत प्राधिकरण को मांगपत्र भेजा था। मामले की पहली तारीख पर उन्होंने प्राधिकरण की अनुमति से अपना वकालतनामा कोर्ट में प्रस्तुत किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि महराजगंज में विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता मांगने वाले जार्डन ने गोरखपुर जाते ही निजी अधिवक्ता कैसे रख लिया? इसके लिए रुपयों का इंतजाम किसने और क्यों किया? विदेशी अधिनियम व धोखाधड़ी की धाराएं जमानती होती हैं। उनका कहना है कि जब वह मोटी फीस देकर अधिवक्ता रख सकता है तो जुर्माना भी अदा कर सकता है।
विज्ञापन


संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल से संबंध होने का शक
जार्डन ने बॉर्डर पर पकड़े जाने के दौरान अपने जो दोनों मोबाइल तोड़े थे उनकी जांच में संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (एसओएलआई) नामक संस्था से संबंध होने के सबूत मिले हैं। इस संस्था का संस्थापक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अपने छह यूक्रेनी सदस्यों के साथ मार्च 2026 में एनआईए के हत्थे चढ़ा था। अभी वह दिल्ली तिहाड़ जेल मेंबंद है। एनआईए को पूछताछ में पता चला कि इस संस्था के 14 सदस्य एक ही समय में देश में दाखिल हुए थे। अभी भी इसके आठ सदस्य देश में हैं। यदि जार्डन इन्हीं में से एक है तो संभव है कि संस्था के अन्य सदस्य इसकी मदद कर रहे हों। बहरहाल इसे पुख्ता करने के साक्ष्य नहीं हैं लेकिन यह प्रश्न जरूर है कि आखिर उसके पास अचानक पैसे कहां से आए क्योंकि ब्रिटिश दूतावास भी अभी उसे अपना नागरिक नहीं प्रमाणित कर सका है।

वर्जन
11 जुलाई को सोनौली बॉर्डर से पकड़े गए विदेशी नागरिक की नागरिकता पुष्टि के प्रयास दूतावास की मदद से किए जा रहे हैं। बिना नागरिकता पुष्टि के चार्जशीट नहीं दाखिल हो सकती है। यह बात कोर्ट को पुलिस अधिवक्ता की तरफ से बताई गई है।
-महेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाल सोनौली।
-
विदेशी नागरिक ने विधिक सेवा प्राधिकरण को मेरे जरिए पत्र दिया था। इस पत्र पर प्राधिकरण ने आशुतोष पांडेय को अधिवक्ता सेवा के लिए निशुल्क उपलब्ध कराया। गोरखपुर कारागार जाने के बाद उससे कौन मिला और निजी अधिवक्ता को उसने कैसे रखा इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

-वीके गौतम, अधीक्षक महराजगंज कारागार।

इनसेट
नहीं दाखिल हो सकी चार्जशीट, सुनवाई 19 को
महराजगंज। गोरखपुर जेल में बंद विदेशी नागरिक जार्डन की वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिये पेशी हुई। तीसरी पेशी में भी पुलिस चार्जशीट नहीं दाखिल कर सकी। इस वजह से अपर सत्र न्यायालय देवेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट ने सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तारीख तय की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें