पांच जुलाई को गठित जांच टीम ने 10 दिन बाद शुरू की थी जांच
18 को मिली सीवीओ को जांच रिपोर्ट, किया था वापस
महराजगंज। जुलाई में चर्चित बकरी अनुदान मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में शिकायतकर्ता बीपैक्स के सभापति ने दोषियों पर कार्रवाई न होने व जांच रिपोर्ट न मिलने से आहत होकर अनशन की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने डीएम व सीवीओ को रजिस्ट्री के तहत ज्ञापन भेजा है।
निराश्रित महिलाओं को आय सृजन का माध्यम उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से बकरी पालन अनुदान योजना संचालित है। इस योजना में विभागीय मिलीभगत से लाभार्थियों से मिलकर विभागीय कर्मियों ने लाभार्थियों के घर के आसपास मवेशियों की टैगिंग कराकर गड़बड़झाला किया। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया मामले में बीपैक्स बेलसड़ के सभापति प्रदीप कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की।
इस पर पांच जुलाई को सीवीओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में बृजमनगंज, नौतनवां व फरेंदा के डिप्टी सीवीओ को जांच के लिए नामित किया गया। लेकिन टीम ने 10 दिन बाद जांच शुरू की और 18 जुलाई को जांच रिपोर्ट सीवीओ डॉ. एजाज को सौंपी। हालांकि सीवीओ ने जांच रिपोर्ट को अपूर्ण बताकर वापस कर दिया और दोबारा जांच के निर्देश दिए।
मामले में अब बीपैक्स सभापति ने जांच रिपोर्ट में लीपापोती करने और लगातार मांगने के बाद विभाग पर जांच रिपोर्ट न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार की उन्होंने डीएम व सीवीओ को रजिस्ट्री के माध्यम से ज्ञापन पत्र भेजकर आरोप लगाया कि उन्होंने जिस विभाग के खिलाफ शिकायत की उसी विभाग से जांच कराई गई।
जांच अधिकारियों ने अपने विभाग की साख बचाने के लिए 10 दिन बाद जांच की और जांच के वक्त उन्हें नहीं बुलाया गया। टीम ने अलग से उन्हें सिर्फ बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्होंने डीएम व सीवीओ को ज्ञापन पत्र भेजकर जांच कवायद पर सवाल उठाते हुए अनशन की चेतावनी दी है। कहा गया है कि अगर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होती और जांच की रिपोर्ट उन्हें नहीं उपलब्ध कराई जाती तो वह अनशन के लिए मजबूर होंगे।
वर्जन
मामले में एक बार जांच कराई गई थी लेकिन रिपोर्ट अपूर्ण थी इसलिए वापस कर दी गई। डीएम को इस प्रकरण की पूरी जानकारी दे दी गई है। मामले में डीएम एक जांच अपने स्तर से कराने जा रहे हैं। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एजाज अहमद, सीवीओ, महराजगंज।