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Maharajganj News: मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाने के बाद छात्रा की मौत मामले में जांच टीम गठित

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प्रदर्शन करते परिजन।
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शव रखकर सड़क जाम, सीओ के आश्वासन पर माने स्वजन, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
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लाइसेंस संदिग्ध, अवैध तरीके से इंजेक्शन लगाने की आशंका, गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम कमहरिया बुजुर्ग में एक मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाने के बाद छात्रा की मौत मामले में जांच टीम गठित कर दी गई है। रविवार की शाम को छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने देर रात तक कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था। आरोपी मेडिकल संचालक और उसके पिता को गिरफ्तार लिया गया है।
आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। बाद में सदर क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नवनाथ प्रसाद ने तत्काल प्रभाव से दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। टीम में नोडल अधिकारी (प्राइवेट अस्पताल/झोलाछाप) डाॅ. वीरेंद्र आर्या और औषधि निरीक्षक नवीन कुमार सिंह शामिल हैं। टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्रा को बुखार होने पर परिजन उसे उक्त मेडिकल स्टोर पर दवा दिलाने ले गए थे, जहां संचालक ने इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद छात्रा की हालत बिगड़ने लगी और जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर बंद मिला और संचालक रविवार की शाम को ही भाग गया था।
मेडिकल स्टोर संचालक व उसका पिता गिरफ्तार
अभिलेखीय जांच में स्टोर के वैध औषधीय लाइसेंस की स्थिति संदिग्ध पाई गई है। प्रथम दृष्टया मामला गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा अनधिकृत रूप से इंजेक्शन लगाने का प्रतीत होता है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का गंभीर उल्लंघन है। इस मामले में पहले ही सदर कोतवाली में एफआईआर संख्या 0181 दर्ज की जा चुकी है। पुलिस प्रशासन के सहयोग से जांच आगे बढ़ाई गई और मेडिकल स्टोर संचालक सोनू कुमार तथा उसके पिता सुखदेव को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों अलग-अलग समय पर मेडिकल स्टोर का संचालन करते थे।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इस वजह से बिसरा सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद इंजेक्शन की प्रकृति और मौत के कारण का मिलान किया जाएगा। जांच टीम ने दोषी पाए जाने पर स्टोर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने क्षेत्र के अन्य मेडिकल स्टोरों की सघन जांच अभियान चलाने की संस्तुति की है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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