महराजगंज/सोनौली। अंतरराष्ट्रीय परमिट को लेकर भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर से पर्यटक बसों को रोक दिया गया। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर शाम करीब छह बजे उच्चाधिकारियों ने परमिट के लिए एक माह का समय देते हुए बसों को रवाना कर दिया।
दो दिन पूर्व मिले आदेश के बाद सोनौली सीमा पर कड़ाई शुरू कर दी गई थी। रविवार को 35 बसों को वापस किया गया। सभी बसों के पास नेपाल जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय परमिट नहीं था। इस दौरान चार बस जो महाराष्ट्र राजस्थान और गोरखपुर से सोनौली पहुंची थीं।
उनके यात्री सोनौली के रास्ते नेपाल जाने के लिए जिद करने लगे। मौके पर क्षेत्राधिकारी नौतनवा और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव ने सभी को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। चालकों का कहना था पहले यह नियम नहीं था।
अचानक नियम लगने से परमिट बनवाना संभव नहीं है। उधर, नेपाल जा रहे बसों के यात्रियों से रविवार दोपहर एसएसबी जवानों के साथ सोनौली के एसएसबी रोड पर गहमा गहमी शुरू हो गई।
यात्रियों का कहना था कि इंदौर से यहां पहुंचे हैं। पहले जानकारी देना चाहिए। इसी तरह उज्जैन के यात्री भी उसी बस से नेपाल जाने के लिए जिद करने लगे। शाम छह बजे के बाद पर्यटक बसें रवाना की गईं। एसएसबी के सहायक सेनानायक सी विवेक ने बताया कि जांच के बाद बसों को नेपाल रवाना किया गया। भारतीय दूतावास काठमांडो की ओर से जारी अंतरराष्ट्रीय परमिट जारी किया जाएगा।