घुघली। सड़क हादसे में महज डेढ़ साल की मासूम मीरा इस दर्दनाक हादसे को शब्दों में तो बयां नहीं कर सकती, लेकिन उसकी सूनी आंखों में अपनों की तलाश साफ झलक रही है। इस दुर्घटना ने उसके पिता को छीन लिया, उसकी मां भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
मासूम मीरा की एक उंगली भी इस हादसे में टूट गई। अभी उसे इस बात का एहसास भी नहीं है कि उसके पिता की मौत हो गई है। वह हर चेहरे को टकटकी लगाए देख रही है। शायद अपने माता-पिता और भाई को खोज रही हो। बेलवा टीकर निवासी 34 वर्षीय सनी अपनी पत्नी पूजा, पुत्र स्वयं और डेढ़ वर्षीय बेटी मीरा के साथ कुंभ स्नान कर अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे थे।
मंगलवार की सुबह मिर्जापुर के पास उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में शनि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी पूजा गंभीर रूप से घायल होकर वाराणसी के अस्पताल में भर्ती जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।
इस दुर्घटना ने सनी की मां सुमन को झकझोर कर रख दिया है। उनका इकलौता सहारा छीन गया। तीन साल पहले पति केदार जायसवाल की कैंसर से मौत हो गई। इस हादसे ने सुमन को जो दर्द दिया है उसे बयां करना किसी के लिए भी कठिन होगा। बेटा छिन गया। बहू की जिंदगी दांव पर लगी है और दो मासूम बच्चों की परवरिश की चिंता भी उनके कंधों पर आ गई है।
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