ठेकेदार ही नहीं, पालिका अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग
महराजगंज। सिसवा बाजार स्थित निर्माणाधीन अमृत सरोवर में दो अगस्त को डूबने से तीन मासूम बच्चों की हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवारों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। शुक्रवार को मृतक बच्चों के परिजनों ने डीएम से मुलाकात कर जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चों के परिजन रमेश यादव, रामलखन रावत और वीरेंद्र रौनियार ने कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपकर ठेकेदार के साथ-साथ नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित अवर अभियंता और निर्माण कार्य की निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।
मृतक के परिजन रमेश यादव ने कहा कि घटना के संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में स्वयं यह उल्लेख किया गया है कि निर्माण स्थल पर निर्धारित सीमा से अधिक गहरी खुदाई की गई थी। साथ ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए थे, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
परिजन का कहना है कि अमृत सरोवर निर्माण में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत पहले ही जिला प्रशासन से की जा चुकी थी। इस पर 20 जुलाई को जांच समिति भी गठित की गई थी लेकिन न तो निर्माण कार्य रोका गया, न ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई और न ही जांच समय पर पूरी हुई। आरोप है कि यदि शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो तीन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि मामले में केवल ठेकेदार को ही जिम्मेदार न मानते हुए निर्माण कार्य की स्वीकृति, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ज्ञापन देने के दौरान बृजेंद्र सिंह आशीष, रोशन मद्धेशिया, रेनू देवी, खुशी रौनियार, संतोषी देवी, रमेश यादव, रामगोपाल रौनियार, वीरेंद्र, रामलखन, रागिनी रावत समेत अन्य लोग मौजूद रहे।