महराजगंज। जिले में अलग-अलग स्थानों पर मां लक्ष्मी की प्रतिमाएं धूमधाम से विसर्जित हुई। सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। प्रतिमाओं का विसर्जन बैंड-बाजे के साथ हुआ। घाटों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोताखोर मौजूद रहे।
महराजगंज शहर में मां लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा विसर्जित करने के लिए समितियों के पदाधिकारी निकले। फरेंदा रोड पर कतार में सभी प्रतिमाएं ट्राॅली से त्रिमुहानी घाट पर पहुंचाई गई। यहां प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार, दीपावली पर्व पर श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी की प्रतिमा का स्थापना कर विधि-विधान पूर्वक आराधना की। फिर श्रद्धालुओं ने शनिवार को नारायणी नदी से निकली खड्डा नहर स्थित तेरह चार पुल और देवरिया शाखा नहर के सात-पांच पुल तथा हरदी पुल पर श्रद्धा पूर्वक देवी मां की प्रतिमाओं को विसर्जित कर दिया। कई स्थानों पर गहरे गड्ढों व तालाबों में भी प्रतिमा विसर्जन किया गया। विसर्जन का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक चलता रहा। इस दौरान सड़कों पर काफी चहल-पहल रही।
निचलौल में करीब कुल 13 जगहों पर श्रद्धालुओं ने प्रतिमाएं स्थापित की थी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कोई ऐसा गांव नहीं जहां सुंदर पंडाल सजाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमाएं न स्थापित हुई हों। शहर के बरगदवा, थाना रोड, सोनार गली, मेन मार्केट, परागपुर रोड, हरेडीह वार्ड के साथ ही गांव खोन्हौली, ओबरी, जयश्री, हरदी, सिरौली, रायपुर, दमकी आदि गांवों में मां लक्ष्मी के बड़े बड़े पंडाल सजे रहे। दीपावली के बाद इन सभी प्रतिमाओं को परंपरागत ढंग से विसर्जन कर दिया गया। प्रतिमाओं को पिकअप, ट्रैक्टरों आदि वाहनों से ले विसर्जन घाट तक ले जाया गया। उसके बाद श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए ले गए। विसर्जन के दौरान श्रद्धा व उमंग में डूबे युवकों की टोली ढोल व बैंड-बाजों की धुनों पर नाचते-गाते चल रही थी। सड़कों पर मेले का माहौल था। दुर्गा प्रतिमाओं के जुलूस में महिलाओं की भी भारी संख्या में सहभागिता रही। प्रतिमा विसर्जन के दौरान सड़कों के किनारे श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा रहा। लक्ष्मी माता, गणेश भगवान की मूर्तियां शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जित हुईं।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, सिंदुरिया थानाक्षेत्र के ग्राम सभाओं में दीपावली पर्व के मद्देनजर मां लक्ष्मी और गणेश, कार्तिकेय आदि की स्थापित मूर्तियां धूम-धाम से सिंदुरिया स्थित नारायणी नहर में विसर्जित किया गया। शुक्रवार को देर शाम तक भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालकर लक्ष्मी माता और भगवान गणेश और कार्तिकेय भगवान की विदाई दी। सिंदुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सिंदुरिया, रामपुरमीर, लेदवा, पतरेंगवा, सोनवल, मधुबनी, पकड़ियार बुजुर्ग, पिपरा कल्याण, परसामीर सहित अन्य ग्राम सभाओं, चौराहों पर स्थापित मूर्तियों का पूजन-अर्चन किया गया था। इसी के साथ लक्ष्मी माता और भगवान गणेश, कार्तिकेय की मूर्ति बड़े ही धूम-धाम से लोगों ने जुलूस निकालकर विसर्जित किया। मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे की धुन पर थिरकते युवाओं ने जमकर गुलाल और अबीर उड़ाए। मूर्ति विसर्जन सिंदुरिया स्थित नारायणी नहर फाटक पुल पर व मिठौरा चौकी क्षेत्र के ग्राम सभा मिठौरा, भागाटार, सेमरा, हड़खोड़ा, जगदौर की मूर्तियां जगदौर स्थित फाटक पुल पर शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन हुआ।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार, भारत-नेपाल सीमावर्ती गांवों की लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन डंडा नदी पुल के नीचे किया गया। हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ, शेख फरेंदा, कुनसेरवा आदि जगह की लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन डंडा नदी पर किया गया।
परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, मां लक्ष्मी व माता सरस्वती एवं भगवान गणेश की प्रतिमाओं का शनिवार को धूमधाम के साथ विसर्जन किया गया। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवतरी, सेखुआनी, परसा, बभनी, पड़ौली, महरी, घोड़हवा, पेड़ारी, बेलभार, महुलानी, निपनिया समेत तमाम गांवों के पंडालों में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं को श्रोताओं ने गाजे-बाजे के साथ रोहिन नदी पर विसर्जित किया।