- कोतवाली क्षेत्र के बिस्मिल नगर का मामला, पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे परिजन, कड़ी मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया
महराजगंज। कोतवाली क्षेत्र के बिस्मिल नगर में शनिवार को नीट में मनचाही रैंक नहीं मिलने से आहत छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को नहीं दी और अंतिम संस्कार क लिए लेेकर गोरखपुर जाने लगे। जानकारी होने पर पुलिस ने समझा-बुझाकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को कब्जे में लिया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, बिस्मिल नगर के शाकिब (22) राजस्थान के कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। शनिवार को नीट का परिणाम आने के बाद शाकिब आहत हो गया। उसने कमरे में जाकर कुंडी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शाकिब के पिता सैफुददोजा मदरसा में सहायक अध्यापक हैं। जबकि मां कौसरजहां कंपोजिट विद्यालय चौपरिया में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों ने जैसे-तैसे खुद को संभाला और शव का अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के चिलबिला भटहट के लिए लेकर निकल पड़े। इसी दौरान किसी ने शव की फोटो खींचकर पुलिस अधीक्षक को भेज दी। मामला गंभीर पाते ही एसपी ने तत्काल कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र कुमार राय को कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। कोतवाल मय फोर्स के चिलबिला गांव पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लिया।
शाकिब तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और पढ़ाई में होनहार था। उसका सपना एक दिन डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था। इसके लिए वह पिछले दो वर्षो से कोटा में रहकर मेहनत कर रहा था।
कोतवाल सत्येन्द्र कुमार राय ने बताया कि अब तक की जानकारी के अनुसार छात्र परीक्षा परिणाम से मानसिक रूप से काफी परेशान था। शनिवार को दोपहर जब नीट परीक्षा का परिणाम आया तो शाकिब को 9500 वीं रैंक मिली। वह इस रैंक से संतुष्ट नहीं था और निराशा में आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।