फरेंदा। सिधवारी निवासी एक होमगार्ड ने बृहस्पतिवार की रात ड्यूटी के दौरान जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार प्रधान पुत्र सहित नौ लोगों को ठहराया है। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने नौ लोगों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
फरेंदा थाना क्षेत्र के सिधवारी टोला तुलसीपुर निवासी प्रह्लाद चौरसिया होमगार्ड के पद पर तैनात थे। उनकी धानी मार्ग पर चौरसिया बिल्डिंग मैटेरियल्स के नाम से दुकान है। बृहस्पतिवार की रात में वह घर से ड्यटी जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचकर अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। होमगार्ड ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि गांव के ग्राम प्रधान पुत्र गंगाराम यादव ने आठ लाख 35 हजार रुपये के बिल्डिंग मैटेरियल्स के समान लिए थे, लेकिन मांगने पर रुपये नहीं दिए।
आरोप है कि उसी दौरान एक जमीन दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये और ले लिए, जिसका कब्जा अभी तक नहीं मिल सका है। पैसा मांगने पर प्रधान पुत्र ने दस-दस लाख रुपये के दो चेक दिए। खाते में पैसा न होने के चलते चेक बाउंस हो गया। इसको लेकर होमगार्ड तनाव में रहते थे। मृतक के बेटे अशाेक चौरसिया ने बताया कि समस्याओं से परेशान होकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष अंकित सिंह के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। शव का अंतिम संस्कार त्रिमुहानी घाट पर कर दिया गया।
मृतक के बेटे अशोक चौरसिया की तहरीर पर प्रधान पुत्र गंगाराम यादव, पटीदार झगरू, महेंद्र, जितेंद्र, राजकुमार, विनय, आशीष, अर्जुन व रामजीत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
-अनिरूद्ध कुमार, क्षेत्राधिकारी, फरेंदा