महराजगंज। झमाझम बारिश से नगर पालिका प्रशासन के जल निकासी के दावे की पोल खुल गई। शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। इससे लोगों को दुश्वारियां हो रही हैं। वहीं सर्विस लेन भी तालाब नजर आ रहा है। दूसरी ओर बिजली गुल होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। जिले में 56 एमएम बारिश दर्ज की गई।
रविवार देर रात से शुरू बारिश सोमवार सुबह नौ बजे तक जारी रही। इसी बीच रात 12 बजे के बाद बिजली गुल हो गई। सुबह करीब 10 बजे के बाद बिजली आई। बारिश से शहर के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव हो गया है। सबसे अधिक समस्या सिविल लाइन, शास्त्री नगर, विस्मिल नगर में है।
कोतवाली के बगल से होकर जाने वाले रास्ते पर जलभराव के बीच आ रहे रामकृष्ण कहने लगे की बारिश के दौरान यही समस्या हर साल होती है। सड़क नीचे होने के कारण हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है। निचलौल रोड पर आबकारी कार्यालय के सामने दुकानों के किनारे तक पानी चल गया था। कुछ दुकानों में पानी चला गया। इससे दुकानदारों को परेशानी हुई।
वहीं जिला परिषद मार्केट में भी दुकानों में पानी घुसने से परेशानी हुई। गांधी नगर मोहल्ले में सड़क पर जलभराव से लोग परेशान रहे। फरेंदा रोड पर सर्विस लेन में दोपहर बाद तक तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। सोमवार सुबह तो मुख्य सड़क तक जलभराव हो गया था।
शास्त्री नगर के वीरेंद्र ने बताया कि मुख्य नाले की सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या हो रही है। पानी का बहाव नहीं है। नाला जाम है। इससे पानी सड़क पर ही रूक जा रहा है। इसके बहाव के लिए कोई व्यवस्था जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी गेट पर ज्ञांती देवी बुखार से पीड़ित मिलीं। वह इलाज कराने जा रहीं थीं। ओपीडी के गेट पर जलभराव होने से आने-जाने में मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल परिसर में नाली ओवरफ्लो हो गई थी, इससे काफी देर तक समस्या झेलनी पड़ी। परिसर में ही बने क्रिटिकल केयर यूनिट का एक किनारा गिर गया। इसे लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
व्यापारी नेता पशुपतिनाथ गुप्त ने बताया कि निर्माण के दौरान मानक का ध्यान नहीं रखने के कारण ऐसा हुआ है। सामाग्री ठीक लगी होती तो हल्की बारिश में न गिरा होता। इसी तरह से मंडी परिसर की चहारदीवारी का एक हिस्सा गिर गया।
इसके भी निर्माण की गुणवत्ता पर लोगों ने सवाल खड़ा किया। शहर में जल निकासी की समस्या दूर कराने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से पंपिंग सेट लगाया गया है। उधर, शहर में करीब 10 घंटे बिजली नहीं रहने से लोगों को सुबह परेशानी हुई। सबसे अधिक समस्या टंकी में पानी नहीं रहने से हुई।