महराजगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ, लेकिन मरीजों को बेहतर उपचार व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। कई केंद्रों पर सुविधाओं का अभाव रहा। मेले में जरूरी दवाओं का टोटा रहा, जिसके कारण मरीजों को सीमित डोज देकर जिम्मेदारों ने काम चलाया।
आरोग्य मेले में समुचित इलाज की व्यवस्था न होने से मरीजों को परेशानी हुई। मेले में बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, दाद, खुजली, गैस, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने मरीजों को जरूरी परामर्श दिए, लेकिन कुछ मरीजों ने कम दवा मिलने की शिकायत की। जहदा पीएचसी पर सुबह 11:40 बजे डॉ. राकेश कुमार मरीजों का इलाज करते नजर आए। मालती ने बताया कि उनके बेटे को बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत है। आरोग्य मेले में इलाज के लिए गईं, जहां डॉक्टर मौजूद मिले, उन्होंने बिना खून की जांच कराए ही कुछ दवा दी और सलाह दी कि अगर आराम न मिले तो जिला अस्पताल से जांच कराकर आइएगा।
विष्णु कुमार ने बताया कि मेरी आंख लाल हो गई है, इसके इलाज के लिए आरोग्य मेले में गया जहां डॉक्टर ने कुछ दवाएं दीं, लेकिन आंख में डालने के लिए कोई ड्रॉप नहीं दिया, जिससे बहुत परेशानी हुई। गड़ौरा पीएचसी पर दोपहर 12:23 बजे डॉ. संदीप कुमार मरीजों का इलाज करते मिले।
मरीज विमल कुमार ने बताया कि मौसम ठंड-गर्म होने के कारण उन्हें सर्दी जुकाम और बुखार, तेज खांसी आ रही है। डॉक्टर ने पैरासिटामॉल समेत एंटीबायोटिक दवाएं तो दीं, लेकिन खांसी के लिए काेई सिरप नहीं दिया।
वहीं, मंजू देवी ने शिकायत की कि उन्हें गैस और बुखार की समस्या है। डॉक्टर ने बुखार और गैस की दवाएं दीं। 1:5 बजे नौतनवा पीएचसी में डॉ. रेशमा खातून मरीजों का इलाज करती दिखीं, मरीज कोमल ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत है।
डॉक्टर ने कुछ दवाएं दी हैं। वहीं मरीज मनोज कुमार ने बताया कि मुझे दाद हो गया है, आरोग्य मेले में गया, जहां डॉक्टर ने कुछ एंटीबायोटिक दवाएं दीं, लेकिन लगाने के लिए क्रीम नहीं दी, जिससे इलाज में बहुत समस्या हुई।