महराजगंज। प्रदेश में इन्फ्लुएंजा एएच1 एन1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शासन की ओर से बीमारी से बचाव, जांच और उपचार को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सुविधा के लिए जिला अस्पताल में चार बेड आरक्षित किए गए हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि जिला अस्पताल के ऊपरी तल पर इन्फ्लुएंजा मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किया गया है। इसमें चार बेड आरक्षित किए गए हैं। गंभीर मरीजों को इसी वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। अस्पताल में मास्क और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इन्फ्लुएंजा की जांच के लिए आवश्यक किट भी मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के लिए अलग ओपीडी संचालित करने की तैयारी की जा रही है।
57 जिलों में मिल चुके हैं 551 मामले
अब तक प्रदेश के 57 जिलों में इन्फ्लुएंजा के 551 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें छह जिलों में मरीजों की संख्या दोहरे अंक में पहुंच गई है। सबसे अधिक 113 मामले लखनऊ में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जरूरी दवाओं, जांच किट और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हल्का बुखार, नाक बहे व खांसी तो हो जाएं सतर्क
अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन अमित कुमार घोष ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने बताया कि इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षणों में हल्के बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और ठंड लगना शामिल है। कुछ मरीजों में आंखों में लालिमा की शिकायत भी हो सकती है। कुछ लोगों में लक्षण दो से तीन दिन में दिखाई देने लगते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह अवधि सात दिन तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि इन्फ्लुएंजा संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमित वस्तु या सतह को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह नहीं धोने और चेहरे, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी जा रही है।
बचाव के लिए बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने, लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से भी बचने को कहा गया है।