महराजगंज। कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से आशा, एएनएम और फील्ड वर्कर्स को पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। ताकि संभावित मरीजों की प्राथमिक स्क्रीनिंग प्रभावी ढंग से की जा सके।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नगरीय पीएचसी संचालित हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कोविड-19 की पहचान में शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा अहम संकेतक है। जब शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से कम होता है तो यह कोरोना संक्रमण का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। ऐसे में पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से संभावित मरीजों की प्रारंभिक जांच कर संक्रमण की त्वरित पहचान की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पल्स ऑक्सीमीटर एक सरल, सुरक्षित और सटीक उपकरण है जो व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की मौजूदा स्थिति की जानकारी कुछ ही सेकंड में दे देता है।
आशा कार्यकर्ता और अन्य फील्ड स्टाफ इस उपकरण की मदद से गांव-गांव जाकर मरीजों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग कर सकेंगी। इससे ऐसे लोगों की पहचान संभव होगी, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन जिनका ऑक्सीजन स्तर कम हो सकता है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात आशा, एएनएम और फील्ड स्टाफ को पल्स ऑक्सीमीटर वितरित करें। इसकी उपलब्धता होने कोरोना की पुष्टि करने में सहूलियत मिलेगी।