जिला अस्पताल में ट्रेनिंग के अभाव में नहीं हो रहा शुगर की जांच
जनपद में लगाए गए हैं कुल 31 हेल्थ एटीएम
महराजगंज। जनपद में आम लोगों की सुविधा के लिए स्थापित हेल्थ मीटर में उम्मीद के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। हालांकि कुछ जगहों पर हेल्थ एटीएम से लोगों को सुविधा मिल रही है। जनपद में कुल 31 हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इनमें से कुछ एटीएम कई दिनों से खराब पड़े हैं।
जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हेल्थ एटीएम की स्थापना की गई है। इस मशीन के माध्यम से 22 प्रकार की जांच की जानी है। इसमें ब्लड प्रेशर, वजन, हाइट, ईसीजी, बीएमआई, बीएमसी, एसपीओ-2 और बॉडी टेम्परेचर शामिल हैं। हालांकि अभी तक इस मशीन पर शुगर की जांच शुरू नहीं हो पाई है। जांच किट आ चुकी है लेकिन स्टाफ को अभी तक उचित ट्रेनिंग नहीं मिल सकी है। ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन और लिपिड प्रोफाइल की जांच भी जल्द शुरू होने वाली है। ट्रेनिंग मिलते ही इन जांचों को भी शामिल कर लिया जाएगा।
जिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम का संचालन करने की जिम्मेदारी वार्ड बॉय विवेक कुमार को सौंपी गई है। हाल ही में कई मरीजों ने इस मशीन का लाभ उठाया। सारदा देवी का ब्लड प्रेशर, मंजीता देवी का ब्लड प्रेशर व ईसीजी, गुड़िया का ब्लड प्रेशर व वजन तथा रवि उपाध्याय की हाइट व वेट जांच कराई गई। इस माह अब तक करीब 200 मरीजों ने यहां से अपनी जांच कराई है।
नौतनवा में कई खराब पड़ा है हेल्थ एटीएम
हालांकि जिले के नौतनवा नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए गए हेल्थ एटीएम की स्थिति चिंताजनक है। कई दिनों से यह मशीन खराब पड़ी हुई है और धूल फांक रही है। इससे यहां आने वाले मरीजों को ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, ईसीजी, वजन जैसी बुनियादी जांचों के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें निजी पैथोलॉजी लैब्स पर जाना पड़ रहा है, जहां महंगे शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है। इससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बता दें कि हेल्थ एटीएम मशीन को ठीक उसी उद्देश्य से लगाया गया था कि मरीजों को सामान्य जांच की रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध हो और उन्हें निजी लैब्स के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन नौतनवा सीएचसी में यह मशीन अपने उद्देश्य पर खरी नहीं उतर पाई है।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. अमित राव गौतम ने बताया कि हेल्थ एटीएम खराब होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही मरम्मत कर मशीन को चालू कराया जाएगा।
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट पर 65 रोगों की हो रही जांच
अस्पताल में लोगों को गंभीर बीमारियों की जांच कराने में मिल रही सहूलियत
हर रोज 100 से 150 मरीजों की हो रही ब्लड जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट पर इन दिनों 65 प्रकार की रोगों की जांच की जा रही हैं। सोमवार को करीब 130 मरीजों की ब्लड जांच कर रिपोर्ट दी गई। मरीजों की सुविधाओं के लिए यूनिट में कुल छह स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक हर रोज हेल्थ यूनिट में 65 प्रकार की बीमारी से पीड़ित 100 से 150 मरीजों का ब्लड जांच कर उन्हें रिपोर्ट दी जाती है। ऐसे में लोगों को सीएचसी पर ही इलाज कराने में सहूलियत मिलने लगी है।
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट पर तैनात एलटी रामकुमार पांडेय ने बातचीत में बताया कि सोमवार से लेकर शनिवार तक ओपीडी चलता है। इस दौरान औसतन प्रतिदिन 100 से 150 मरीज ब्लड जांच कराने के लिए यूनिट पर आते है। इस हेल्थ यूनिट पर सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, लिपिड, टी थ्री, टी फोर, टी फाइव एच, आरबीएस, एचआईवी, एचसीवी सहित कुल 73 प्रकार के बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इनमें से हर रोज करीब 65 प्रकार की जांच कर मरीजों को रिपोर्ट दी जाती है। यूनिट पर उनके साथ ही एलटी दीपक नायक, अखिलेश चौरसिया, आदित्य पटेल, अंकित प्रजापति और सत्येंद्र की तैनाती है।
यूनिट पर बल्ड जांच कराने पहुंचे पिंकी, रीना, धनुषराज, त्रिलोकी, अंगिरा, संजीत, इजराइल आदि ने बताया कि इस हेल्थ यूनिट पर ब्लॉक क्षेत्र के साथ ही नेपाल के लोग भी पहुंच जांच कराते है। सीएचसी परिसर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट शुरू होने से उन लोगों को काफी सुविधाएं मिलने लगी है। सेंटर पर ब्लड से संबंधित अधिकांश जांच आसानी से हो जा रही है। अब सीएचसी में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से उपचार के लिए मरीजों को जिला अस्पताल जाने से निजात मिल गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के अधीक्षक डॉ. उमेश चंद के अनुसार हेल्थ यूनिट पर पहुंचने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। जो भी शिकायत मिलती है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निस्तारण किया जाता है।