परतावल। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के रुद्रपुर भलुही स्थित विश्व शांति निकेतन महाविद्यालय में कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षक अजय यादव की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शनिवार को पुलिस ने महाविद्यालय में प्रशिक्षण ले रही पांचों छात्राओं, सह प्रशिक्षक प्रशांत, प्रशिक्षण देने वाली दो युवतियों और दाई से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि, अजय ने एक युवती को फोन कर कमरे में बुलाया, नहीं आने पर वह असलहा लेकर छत पर पहुंच गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि अजय यादव प्रतिदिन शराब का सेवन करते थे। घटना से तीन-चार दिन पहले से वह अत्यधिक शराब पी रहे थे। घटना वाली रात करीब नौ बजे दाई ने उन्हें भोजन करने के लिए कहा, मगर उन्होंने भोजन करने से मना कर दिया। इसके बाद रात करीब 9:15 बजे अजय ने प्रशिक्षण देने के लिए नियुक्त एक युवती को फोन कर नीचे अपने कमरे में आने के लिए कहा। युवती ने नीचे आने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद अजय लगातार उसे फोन करता रहा, जिससे परेशान होकर युवती ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। पुलिस के मुताबिक, भोर करीब 3:38 बजे अजय एक हाथ में असलहा और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर महाविद्यालय की छत पर पहुंचा। वहां उसने दोबारा उसी युवती को जगाया और खाना मांगा। युवती ने दाई को जगाकर भोजन देने के लिए कहा, लेकिन अजय ने दाई के हाथ से खाना लेने से इनकार कर दिया और वहां से चला गया। कुछ देर बाद गोली चलने की घटना सामने आई। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के कमरे को सील कर दिया है।
छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विश्व शांति निकेतन महाविद्यालय, रुद्रपुर भलुही में संचालित कौशल विकास मिशन के छात्रावास में प्रशिक्षक की गोली लगने से हुई मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। घटना से पहले स्थानीय स्तर पर अधिकांश लोगों को यह जानकारी भी नहीं थी कि परिसर में छात्रावास भी संचालित है। घटना के बाद जब यह तथ्य सामने आया तो लोगों ने छात्रावास की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर चिंता जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिसर के भीतर अवैध असलहा पहुंच गया, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक के संकेत हैं। सवाल यह भी है कि ऐसी स्थिति में छात्राओं की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही थी। साथ ही यह भी चर्चा है कि छात्रावास किन मानकों के आधार पर संचालित हो रहा था, वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण करता था या नहीं। हालांकि, इन सवालों पर अभी तक संबंधित विभाग या जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच जारी है और लोगों को उम्मीद है कि जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
छात्राओं के बुलाने पर महाविद्यालय पहुंचा था प्रशांत
विश्व शांति निकेतन महाविद्यालय में संचालित कौशल विकास मिशन में अजय यादव के साथ प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत महराजगंज निवासी प्रशांत घटना से पहले बीएएमएस की फीस जमा करने के लिए अपने घर गया हुआ था। घटना वाले दिन भी वह घर पर ही मौजूद था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में छात्राओं और छात्रावास की दाई ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार शाम प्रशांत को फोन कर कहा था कि अजय सर ने काफी शराब पी रखी है। हमें डर लग रहा है, आप जल्दी आ जाइए। इसके बाद प्रशांत महाविद्यालय पहुंचा। पुलिस का कहना है कि छात्राओं, दाई और प्रशांत के बयान इस बिंदु पर एक-दूसरे से मेल खाते हैं कि उसे छात्राओं के बुलाने पर ही महाविद्यालय आना पड़ा। हालांकि, पूछताछ में प्रशांत ने यह बात स्वीकार नहीं किया कि उसने अजय यादव के हाथ में कोई असलहा देखा था। पुलिस सभी बयानों का मिलान कर घटना के क्रम की पड़ताल कर रही है।
पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए की कार्रवाई की मांग
कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षक अजय यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शनिवार को मृतक के पिता केशव यादव ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने घटना को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है। शुक्रवार को पुलिस ने अजय यादव के शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की। दोपहर बाद परिजन शव लेकर पैतृक गांव पहुंचे, जहां देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शनिवार को श्यामदेउरवां थाने पहुंचकर मृतक के पिता ने तहरीर सौंपी। उनका कहना है कि अजय आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता था। घटना की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उधर, पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
मोबाइल की कॉल डिटेल में लड़की से बातचीत सामने आई है। छात्राओं से पूछताछ में मिले तथ्यों को मिलाकर घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
सत्यप्रकाश सिंह, एसओ