गैराज के बाहर टहल रहे सत्यदेव कुमार ने बताया कि इन दिनों कोरोना का केस बढ़ रहा है। शहर में इससे बचाव के इंतजाम सिर्फ फाइलों में दिख रही हैं। हाथ धुलने की टंकी का प्रयोग नहीं हो रहा है तो लाखों की रकम खर्च कर इसे बनवाया क्यों गया?
शहर में हाथ धुलने वाली टंकी बेकार है। जब इसका उपयोग नहीं हो रहा है तो रकम खर्च करने का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी दायित्व के प्रति बेखबर हैं। -अशफाक खान, गांधी नगर
नगर पालिका प्रशासन स्वच्छता का संदेश सिर्फ फाइलों में दे रहा है। हकीकत में व्यवस्था बदहाल दिख रही है। हाथ धुलने की बात गोष्ठी तक सिमट कर रह गई है। -रमेश निगम, सुभाष नगर
पानी की टंकी को दुरुस्त कराने के बाद शहर के प्रमुख स्थानों पर रखवा दिया जाएगा। स्वच्छता के प्रति नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। सफाई कर्मियों की टीम सभी मोहल्लों में समय समय पर सफाई करती है। -आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
एटीएम भी नहीं दे रहे साथ, पेयजल के लिए परेशानी
सोनौली कस्बे में करीब चार वर्ष पूर्व 20 लाख की लागत से वाटर एटीएम लगाया गया, लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। दो साल पहले खराब हुए वाटर एटीएम की मरम्मत कराने की दिशा में अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। बढ़ती गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सोनौली नगर पंचायत क्षेत्र के कुनसेरवा चौराहे पर वाटर एटीएम का जनरेटर व अन्य संयंत्र खराब हैं। टेंपों स्टैंड के सामने स्थापित वाटर एटीएम का बोर खराब हो गया। खराब वाटर एटीएम को दुरुस्त नहीं कराया गया।
कस्बे के सुदर्शन बताया कि वाटर एटीएम पर सुबह आठ बजे से लेकर रात दस बजे तक पानी लेने के लिए लाइन लगती थी, लेकिन पिछले एक साल से खराब है। पेयजल के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। विनोद, गुड्डू खान, दीपक, हरिश्चंद्र आदि का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की ओर से खराब वाटर एटीएम की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अधिशासी अधिकारी राजनाथ यादव ने बताया कि बजट आने पर वाटर एटीएम की मरम्मत की मरम्मत करा दी जाएगी। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से लोगों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।