महराजगंज। एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर राज्य सरकार ने नदियों के संरक्षण को लेकर पहल की है। जिला प्रशासन से नदियों की सूची व सिंचित भू-भाग के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है, जिसका डाटा तैयार कराने का कार्य तेजी से प्रभावी है।
शासन ने नदियों को पुनर्जीवित करने व संरक्षण के लिए एक जिला एक नदी चयन की कवायद शुरू की है। जनपद की बात करें तो यहां नारायणी, गंडक, रोहिन, राप्ती, चंदन, प्यास, डंडा व घोघी नदियां गुजरती हैं।
सर्वाधिक सिंचित भूभाग की बात करें तो गंडक व रोहिन सर्वाधिक क्षेत्र को सिंचित करने में सहयोग करती हैं। इसके अलावा राप्ती भी जिले की सीमा से होकर धानी से गोरखपुर जिले में प्रवेश करती है। नारायणी सोहगीबरवा से होकर बिहार निकलती है। चंदन व प्यास नदी नौतनवां व ठूठीबारी परिक्षेत्र से होकर गुजरती है।
जिला प्रशासन सभी नदियों के नाम व कितने किमी का दायरा जनपद में है इसका निर्धारण कर विवरण तैयार करा रहा है। किस नदी को संरक्षण की आवश्यकता है। इसका जिक्र भी शासन को भेजे जाने वाले में रिपोर्ट में उल्लेखित रहेगा।
नदियों के संरक्षण के लिए जारी होगा बजट
प्रत्येक जनपद से एक नदी को चयनित करते हुए शासन की तरफ से बजट जारी कर संरक्षण का कार्य कराया जाएगा। इसमें नदी के लिए रास्ता, बांध, बहाव की निरंतरता बढ़ाने जैसे कार्य कराए जाएंगे। साथ ही इसमें जनभागीदारी भी बढ़ाने की तैयारी है।