महराजगंज। ग्राम पंचायतें बायोगैस यूनिट लगवाकर अपनी आय बढ़ाने का जतन कर सकती हैं। इसके लिए गोवर्धन योजना से मदद मिलेगी। ग्राम पंचायतों को योजना के तहत अनुदान लाभ प्राप्त करने के लिए 40 फीसदी पूंजी खुद लगानी होगी और 60 फीसदी अनुदान शासन की तरफ से दिया जाएगा।
बायोगैस यूनिट से 5 किलोवाट बिजली रोजाना उत्पादित हो सकेगी जिससे गांव की सड़कों पर लगे लैंप पोस्ट, सचिवालय और प्राथमिक स्कूलों के लिए बिजली का प्रबंध हो सकेगा और ग्राम पंचायतों को बिजली बिल भरने से छुटकारा भी मिल सकेगा। बेसहारा पशुओं की देखरेख के लिए ग्राम पंचायतों में सरकार ने अस्थायी गोशाला बनवाकर पशुओं को सुरक्षित रखने का प्रबंध किया है।
गोशाला से निकलने वाले गोबर से अब ग्राम पंचायतों को कमाई का जरिया खोज निकाला गया है। ग्राम पंचायत को गोशाला से गोबर का निपटारा करने के लिए बायोगैस यूनिट का लाभ मिल सकेगा। गोवर्धन योजना से युनिट लगवाने के लिए जितना खर्च आएगा उसका भुगतान 40 फीसदी ग्राम पंचायतें वहन करेंगी और गोवर्धन योजना से 60 फीसदी अनुदान सरकार से मिल सकेगा।
ग्राम पंचायतों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने आनंद बायोटेक और सिस्टेमा बायोटेक से अनुबंध की तैयारी में है जो ग्राम पंचायतों को कम लागत में युनिट स्थापित करने में मदद करेंगी।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura