फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: राजकीय स्कूलों ने खड़े किए हाथ, नहीं बनना चाहते केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। यूपी बोर्ड परीक्षा का केंद्र राजकीय माध्यमिक स्कूल नहीं बनना चाहते हैं। मांगी गई विभागीय आपत्ति में चार राजकीय स्कूलों ने पर्याप्त संसाधनों के अभाव को कारण बताते हुए केंद्र नहीं बनाने की मांग की है। 2026 की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 9 राजकीय माध्यमिक स्कूलों को केंद्र बनाया गया है। डीआईओएस कार्यालय को ऑनलाइन प्राप्त 67 आपत्तियों में से 43 निजी स्कूलों ने खुद को परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है और 11 स्कूलों ने अधिक दूरी पर केंद्र बनाने पर आपत्ति की है।
विज्ञापन

18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण हैं। 30 नवंबर को यूपी बोर्ड ने जिले की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर जनपद में कुल 95 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए। उसी दिन से डीआईओएस कार्यालय माध्यमिक स्कूलों से ऑनलाइन आपत्ति चार दिसम्बर तक प्राप्त कर रहा था। निर्धारित समय सीमा के भीतर कुल 67 आपत्तियां प्राप्त की गईं। 11 दिसंबर तक इनका निस्तारण किया जाना है। डीआईओएस कार्यालय को चार आपत्तियां राजकीय माध्यमिक स्कूलों से प्राप्त हुई हैं। यह स्कूल परीक्षा केंद्र बनने से हाथ खड़े कर रहे हैं।
राजकीय स्कूल माध्यमिक शिक्षा परिषद के अपने स्कूल कहे जाते हैं जिनके लिए योजना व संसाधन सीधे परिषद उपलब्ध कराता है। लेकिन प्राप्त आपत्तियां यह बताती हैं कि यूपी बोर्ड का केंद्र परिषद के निजी माने जाने वाले स्कूल भी नहीं बनना चाहते हैं।
विज्ञापन

केंद्र बनने से हाथ खड़े करने वाले स्कूलों में राजकीय माध्यमिक स्कूल सेमरा चंदौली, राजकीय बसंतपुर खुर्द, राजकीय उंटी खास व राजकीय बरडाड़ धानी के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें