महराजगंज। राजकीय इंटर काॅलेज लंबे समय से प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहा है। प्रवक्ता न होने के कारण शिक्षण कार्य पर असर पड़ रहा है। इसके चलते विद्यार्थियों का प्रवेश आधा हो गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
राजकीय इंटर काॅलेज धनेवा-धनेई में 1000 सीटें प्रवेश के लिए उपलब्ध हैं, बावजूद शिक्षक न होने के कारण इस वर्ष सिर्फ 593 बालिकाओं का प्रवेश ही हो सका है। यहां प्रधानाचार्य सहित सिर्फ तीन अध्यापिकाएं ही तैनात हैं, जिसके कारण शिक्षण कार्य जैसे तैसे चल रहा है।
मुख्यालय से सटे स्थित राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में कक्षा छह से 12वीं तक पढ़ाई होती है। 11वीं और 12 वीं की बात करें तो स्कूल में 11 प्रवक्ता के पद सृजित हैं। इसमें भौतिकी, रासायन, जंतु विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र के पद रिक्त हैं। कला के लिए प्रधानाचार्य दमयंती यादव और इतिहास विषय के लिए इंदू की तैनाती है। बाकी विषयों की पढ़ाई विद्यार्थियों को खुद ही करनी पड़ती है। 11वीं की छात्रा शोभा कन्नौजिया, रश्मि गुप्ता ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी की मदद से विभिन्न विषयों की पढ़ाई पूरी करने की मजबूरी है।
यहां कक्षा 6 से 10 तक के लिए कुल 10 प्रवक्ता के पद सृजित हैं, लेकिन तैनाती हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, कला और संगीत विषय में सिर्फ मीनाक्षी और प्रकाशिनी का ही है। प्रवक्ताओं की कमी के बीच बच्चियों की पढ़ाई किसी तरह से पूरी हो रही है। विभा, शोभा, रागिनी, अनामिका, मंजू आदि छात्राओं ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई निजी अध्ययन के भरोसे चलता है।
कंप्यूटर लैब में भी प्रशिक्षक न होने के कारण इसका विशेष लाभ नहीं मिल पाता है। प्रधानाचार्य दमयंती यादव ने बताया कि प्रवक्ताओं की समस्या लंबे समय से बनी है। विभाग को कई बार अवगत भी कराया जा चुका है। सीमित शिक्षकों के सहारे शिक्षण कार्य किसी तरह संपन्न कराया जाता है।
राजकीय इंटर काॅलेज में प्रवक्ताओं की कमी है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
-प्रदीप कुमार शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक