- 15 मिनी स्टेडियम और 79 खेल मैदानों में कई जगह बदहाल हैं सुविधाएं
- मनरेगा से बनी बाउंड्रीवाल के बाद भूल गया विभाग, उपकरण तक नहीं
महराजगंज। गांवों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिले में 15 मिनी स्टेडियम और 79 खेल मैदान तैयार किए गए हैं, लेकिन कई जगह सुविधाओं की तस्वीर खिलाड़ियों की उम्मीदों के उलट है। परतावल के श्यामदेउरवां में मिनी स्टेडियम झाड़-झंखाड़ से घिरा है तो फरेंदा में हल्की बारिश के बाद मैदान तालाब बन जाता है। नौतनवा के हरदीडाली में बाउंड्रीवाल तो खड़ी कर दी गई, लेकिन खेल सुविधाएं नहीं जुटाई गईं। उपकरण और प्रशिक्षकों की कमी से ग्रामीण खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास में मुश्किल हो रही है।
जिले में सदर में दो, जबकि नौतनवा, निचलौल और फरेंदा में दो-दो मिनी स्टेडियम हैं। लक्ष्मीपुर को छोड़कर अन्य विकासखंडों में मनरेगा से एक-एक मिनी स्टेडियम बनाया गया है। इसके अलावा लक्ष्मीपुर में 17, बृजमनगंज में छह, धानी में एक, घुघली में आठ, सदर में सात, मिठौरा में सात, नौतनवा में आठ, निचलौल में चार, पनियरा में नौ, परतावल में चार, फरेंदा में चार और सिसवा में चार खेल मैदान विकसित किए गए हैं।
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श्यामदेउरवां में झाड़ियों के बीच अभ्यास
परतावल क्षेत्र के श्यामदेउरवां स्थित महंत अवेद्यनाथ मिनी स्टेडियम में जगह-जगह झाड़ियां उग आई हैं। नियमित सफाई नहीं होने से खिलाड़ियों को अभ्यास में परेशानी होती है। खिलाड़ियों का कहना है कि ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ से शिकायत के बावजूद स्थिति नहीं बदली। यहां के कई खिलाड़ी जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं, फिर भी अभ्यास के लिए बेहतर माहौल नहीं मिल रहा है।
हरदीडाली में बाउंड्री बनी, सुविधाएं नहीं
नौतनवा ब्लॉक के हरदीडाली में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा से खेल मैदान की बाउंड्रीवाल बनाई गई थी। इसके बाद मैदान को विकसित करने की दिशा में कोई खास काम नहीं हुआ। उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में बने मैदान में खेल उपकरण नहीं हैं। जगह-जगह घास और कीचड़ है। गेट बंद रहने के कारण विद्यालय के बच्चों के अलावा गांव के अन्य खिलाड़ी भी इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते।
ग्राम प्रधान गोपाल नारायण चौधरी ने बताया कि मनरेगा से सिर्फ बाउंड्रीवाल बनी थी। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार गौतम के अनुसार ग्राम पंचायत या विकासखंड से कोई खेल उपकरण नहीं मिला। खिलाड़ी नागेश चौधरी और सलमान अंसारी ने भी सुविधाओं की कमी बताई। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2008-09 में पायका योजना के तहत यहां फुटबॉल और वॉलीबाल पोल समेत कई उपकरण उपलब्ध थे। वेटलिफ्टिंग का अभ्यास भी होता था, लेकिन योजना बंद होने के बाद धीरे-धीरे सुविधाएं खत्म हो गईं।
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बरवा कला में नियमित होते हैं खेल आयोजन
नौतनवा के बरवा कला स्थित महंत अवैद्यनाथ महाराज मिनी स्टेडियम की स्थिति दूसरे मैदानों की अपेक्षा बेहतर है। यहां नियमित खेल गतिविधियां होती हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में सांसद खेल प्रतिस्पर्धा और विधायक खेल प्रतिस्पर्धा का आयोजन हुआ था। एक माह पहले क्रिकेट मैच भी कराया गया। ग्रामीण खिलाड़ी कबड्डी और क्रिकेट की प्रतियोगिताएं भी आयोजित करते हैं।
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फरेंदा में बारिश के बाद ठप हो जाता है अभ्यास
फरेंदा के सेठ आनंदराम जयपुरिया इंटर कॉलेज के मिनी स्टेडियम में जलभराव खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या है। खेलो इंडिया योजना के तहत करीब 2.30 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्टेडियम में 100 से अधिक खिलाड़ियों का पंजीकरण है। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, वॉलीबाल, कबड्डी, कुश्ती, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन, क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो और ताइक्वांडो समेत कई खेलों की सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बारिश होते ही मैदान में पानी भर जाता है। क्रिकेट और फुटबॉल का अभ्यास रोकना पड़ता है। खिलाड़ी अंकुर कुमार ने मैदान में मिट्टी डालकर उसे ऊंचा कराने की मांग की। शिव यादव ने कहा कि ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच की जरूरत है। खिलाड़ियों के अनुसार क्रिकेट प्रशिक्षक की भी कमी है।
एक माह के भीतर अभियान चलाकर जिले के सभी मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कराई जाएगी। जहां कमियां मिलेंगी उन्हें चिह्नित कर दूर किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास में परेशानी न हो। - श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ