पाण्डेय हाता में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा को विशर्जन के लिये ले जाते श्रद्धालु।
27 अगस्त से पंडाल में भगवान गणेश की हो रही थी आराधना
10 दिनों तक चले गणेश उत्सव का हुआ समापन, श्रद्धालुओं ने रखा व्रत
गोरखपुर। गणेश चतुर्थी से शुरू हुए दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन शनिवार को अनंत चतुर्दशी के दिन हो गया। शहर के पंडालों में भगवान गणेश की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना व आरती करने के बाद धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। जयघोष के साथ गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन राजघाट पर बजे कृत्रिम घाट में किया गया।
श्रद्धालुओं ने अनंत चतुर्दशी व्रत रहकर भगवान विष्णु व गणेश की उपासना की। गणेश उत्सव के अंतिम दिन पंडालों व घरों में हवन-पूजन कर पूर्णाहुति की गई। शहर के कच्चीबाग, पांडेयहाता, मिर्जापुर, घासीकटरा, बक्शीपुर, धर्मशाला आदि जगहों से देर शाम समितियों की ओर से भगवान गणेश की आरती कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रास्ते में श्रद्धालुओं की ओर से शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। शोभा यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए देर शाम राजघाट के कृत्रिम घाट पर पहुंची। आरती करने के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। घाट पर श्रद्धालुओं ने घरों में रखी प्रतिमाओं का भी आस्था भाव के साथ विसर्जन किया।
पूर्वांचल गणपति महोत्सव कच्ची बाग की ओर से गणपति की आरती के बाद शोभायात्रा निकाली गई। गणपति की भव्य विसर्जन शोभायात्रा में अद्भुत झाकियों की प्रस्तुति, घोड़े और रथ के साथ भारी संख्या में शामिल हुए। वहीं घासीकटरा में समिति की ओर से भगवान गणेश की आराधना कर शोभायात्रा निकली। इसमें शिव तांडव के साथ भगवान गणेश, शिव व हनुमान का वेश धारण किए श्रद्धालु शोभायात्रा की रथ पर सवार होकर चल रहे थे। प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।