गोरखपुर। फर्जी नोट बरामद होने के एक पुराने मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर दंड सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार ने पीपीगंज थाना क्षेत्र के ताल लिखिया टोला बरनपुर निवासी अनिरुद्ध सिंह को पांच साल के कठोर कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह मामला 17 अक्तूबर 2007 का है। उस दिन थानाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह चेकिंग में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जंगल कौड़िया के पास एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में पचास-पचास रुपये के जाली नोट रखकर दुकानों पर असली की तरह खर्च कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस वालों को देखकर संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा। पीछा कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिरुद्ध सिंह बताया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से पचास रुपये के दस जाली नोट बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।