अब तक सिर्फ 16.32 फीसदी गोल्डन कार्ड बने हैं जिले में
धानी ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब, यहां 12.74 प्रतिशत ही कार्ड बने हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की है। योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था है। जिम्मेदारों की शिथिलता के कारण दिसंबर 2018 में शुरू हुई इस योजना में अब तक सिर्फ 16.32 फीसदी गोल्डन कार्ड बने हैं। धानी ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब, यहां अब तक महज 12.74 प्रतिशत ही कार्ड बने हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 6,68,890 लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ एक लाख 9 हजार 411 लोगों का ही गोल्डन कार्ड बन पाया है। जिसमें फरेंदा ब्लॉक में 53575 लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाना था। इसमें से 10927 का ही कार्ड बन सका है। परतावल में 53740 के सापेक्ष 10591, घुघली 46650 के सापेक्ष 8505, सदर 55665 के सापेक्ष 9735, लक्ष्मीपुर में 58655 के सापेक्ष 9075, सिसवां में 55150 के सापेक्ष 8542, बृजमनगंज में 57245 के सापेक्ष 8704, नौतनवां में 66810 के सापेक्ष 10081, पनियरा 56743 के सापेक्ष 8690, निचलौल में 79065 के सापेक्ष 11478, मिठौरा में 63620 के सापेक्ष 11478 और धानी में 21970 के सापेक्ष 2801 गोल्डन कार्ड बने हैं। ऐसे में लाभार्थियों को योजना का लाभ ठीक ढंग से नहीं मिल पा रहा है। योजना के प्रारंभ में जिला अस्पताल, परतावल सीएचसी और कैंप के माध्यम से कार्ड बनाया जाता था। 2020 में ब्लॉकों की सभी सीएचसी, जिला अस्पताल और कैंप के माध्यम से कार्ड बनाए जा रहे हैं।
नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. आई.ए अंसारी ने कहा कि जिले में सभी सीएचसी अधीक्षक को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। दायित्व निर्वहन में लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा।