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प्रवासी मजदूरों का बन रहा गोल्डन कार्ड

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प्रवासी मजदूरों का बन रहा गोल्डन कार्ड
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इलाज कराने में प्रवासी मजदूरों को नहीं होगी समस्या
महराजगंज। लॉकडाउन के दौरान मुंबई समेत दूसरे शहरों से घर आए प्रवासी मजदूर को भविष्य में गंभीर इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब उन्हें 5 लाख रुपये तक नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। जिले में करीब 112 प्रवासी मजदूरों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रवासी मजदूरों से जल्द से जल्द नजदीक के सीएससी पर पहुंचकर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कोविड 19 के कारण देश के अलग-अलग शहरों से कामगारों को अपने घर लौटना पड़ा। सरकार की ओर से मिलने वाली तमाम सुविधाओं के बाद भी समस्याएं समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब सरकार प्रवासी और उनके परिवार को गोल्डन कार्ड मुहैया करा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूरों की सूची के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन प्रवासी मजदूरों के प्रत्येक सदस्य के इलाज की सुविधा योजना के पैनल में शामिल अस्पतालों में मिलेगी।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. आई.ए. अंसारी ने कहा कि योजना के तहत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पैनल में शामिल किया गया है। जहां पर प्रवासी मजदूरों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। करीब 112 प्रवासी मजदूरों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। जुलाई के अंत तक कार्ड बनाने के लिए आवेदन लिया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में कुल 113741 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। वहीं जिले में अब तक पैनल के तहत शामिल अस्पताल में कुल 1540 मरीजों को इलाज की सुविधा मिली है। योजना के तहत जिले से बाहर पैनल में शामिल अस्पतालों में कुल 1942 मरीजों को इलाज की सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी मजदूरों को गोल्डन कार्ड बनवाना है, वह नजदीक के सीएचसी पर आधार कार्ड वह राशन कार्ड के साथ पहुंचकर अपना गोल्डन कार्ड जल्द से जल्द बनवा लें।
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