महराजगंज। तस्करी के लिए तस्कर नित नई तरकीब निकालते रहते हैं। पुलिस डाल-डाल तो तस्कर पात-पात वाली कहानी खेल रहे हैं। अब बड़े तस्कर कालेधन को हवाला के जरिए सोने में खपा रहे हैं।
काठमांडो में नेपाल पुलिस ने सोने की बड़ी बरामदगी की थी। खुलासा हुआ था कि उक्त सोना नेपाल पहुंचने के बाद तस्करी के जरिए भारत जाना था। राजस्व जांच विभाग ने 18 जुलाई को काठमांडो के सिनामंगल से भारी मात्रा में सोना जब्त किया था। हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग इस खेप का पता लगाने में विफल रहा था। विभाग ने बाइक के ब्रेक शू और इलेक्ट्रिक शेवर के डिब्बों में छिपाकर रखे गए सोने को नेपाल बैंक भेजा। इसका कुल वजन 155 किलोग्राम पाया गया। इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें चीनी नागरिक भी शामिल हैं।
बीते माह नौतनवा कस्बे में एक बैंक के पास रकम लूट होने का मामला सामने आया था। इसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 18 लाख रुपये बरामद किया गया था। एक आरोपी फरार था। बीते दिनों चौथे आरोपी ने गोरखपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। जांच-पड़ताल में सामने आया था कि रकम हवाला का था। उसे नेपाल पहुंचाया जाना था की नौतनवा में लूट हो गई। पूरी रकम करीब 38 लाख बताई जा रही है। हवाला का नेटवर्क सरहद में काफी मजबूत बताया जाता है।
विदेशों से सोना तस्करी कर नेपाल के रास्ते भारत लाया जाता है। यह रुट एक सेफ जोन है। हालांकि, कई बार इस रुट पर काफी मात्रा में सोना पकड़ा जाता है, लेकिन अधिकतर तस्कर इस रूट से निकल भी जाते हैं। अपराध के इस सेफ जोन का इस्तेमाल छोटे से लेकर बड़े अपराधी धड़ल्ले से करते हैं। विदेश से भारत आ रहे सोने को कई बार नेपाल पुलिस भी पकड़ चुकी है। अभी कुछ महीने पहले ही नेपाल के काठमांडों में 100 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया गया था, जिसमें हवाला कारोबार से जुड़े रुपयों की जानकारी मिली थी।
गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया था कि 155 किलो सोने का सौदा तय हुआ था। तस्करी के लिए 50 लाख रुपये नकद दिए गए। बाकी के सरहद पर पहुंचने के बाद मिलता। इसके लिए रास्ते में तीन लोगों को बदल-बदल कर भेजा जाता है। जांच में अधिकारियों को पता चला कि भारत में बैठे हवाला कारोबारी दस मिनट में काठमांडो में करोड़ों रुपये दिलवा देते हैं, जिसके लिए नकदी और हवाला रैकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सोने की तस्करी में शामिल धंधेबाज दोहरा फायदा कमा रहे हैं। एक तो कालाधन इसमें आसानी से खपाया जा रहा है, दूसरे मुनाफे की रकम भी मोटी है। तस्करों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि सोने के लिए रुपये का भुगतान किया गया। फिर उसे 30 प्रतिशत कमीशन पर बेच दिया। मुनाफे की रकम कम से कम 30 प्रतिशत है। सोना को बाजार में खपाना भी आसान है लिहाजा इसी रास्ते कालाधन भी आसानी से खप रहा है। तस्करों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने इसमें शामिल दूसरे धंधेबाजों को पकड़ना सबसे बड़ी चुनौती है।