महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र एक गांव से युवती कस्बे में सिलाई सीखने गई थी। तीन माह से उसका पता नहीं चल रहा है। परिजनों ने उसके हत्या की आशंका जाहिर की। प्रकरण में गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस खामोश है। न्यायालय में पीड़ित ने वाद दाखिल कर कार्रवाई की मांग की। गुमशुदा लड़की का मामला तूल पकड़ रहा है।
नगर पंचायत पनियरा के एक मोहल्ले के रहने वाली 20 वर्षीय बेटी 10 नवंबर 2025 को सिलाई सेंटर गई थी। इसके बाद से उनका पता नहीं चल रहा है। परिजनों ने जगह जगह ढूंढा, लेकिन पता नहीं चल रहा है। मामले को लेकर पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस खामोश हो गई। तीन माह गुजरने के बाद युवती के पिता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी कोर्ट नंबर-एक महराजगंज में प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दायर कर बेटी की बरामदगी और पुलिस की निष्पक्ष जांच का आदेश देने की मांग की।
पीड़ित ने याचिका में लिखा की उसकी बेटी रोजाना 11 बजे से 4 बजे तक सिलाई सेंटर पर सिलाई सीखती थी। 10 नवंबर सुबह 9:30 बजे वह सेंटर गई, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। बेटे ने पूछताछ की तो वहां पढ़ने वाली ने एक छात्रा ने बताया कि उस दिन वह आई ही नहीं। पिता उस वक्त बंगलूरू में थे। पत्नी के फोन पर सूचना मिलते ही वे घर लौट आए। 13 नवंबर को पहुंचकर उन्होंने थाना पनियरा में गुमशुदगी दर्ज कराई। न्यायालय में दाखिल वाद में बताया कि सेंटर संचालक ने जानकारी दी, उसकी बेटी 9:30 बजे आई थी, 5 मिनट में चली गई और बोली “ आज सिलाई नहीं सिखूंगी। सीसीटीवी फुटेज में वह 9:16 बजे सिलाई सेंटर जाती दिखी, लेकिन 11 बजे तक रोड पर नहीं दिखी। सिलाई सेंटर की छात्रा ने बताया कि दोपहर 2-2:30 बजे दोनों ने शिव मंदिर के पास गोलगप्पे खाए थे, लेकिन वह घर नहीं गई।
परिवार ने मुख्यमंत्री, एसपी महराजगंज, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर और थानाध्यक्ष को पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि थाने से शुरू में ही संचालिका और छात्रा पर शक जताया गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गुमशुदगी में ही दबा दिया।
याचिका में कहा गया कि अब तक तीन महीने बीत चुके हैं। लड़की जिंदा है या मर गई, या उसे बेच दिया गया, कुछ पता नहीं। सिलाई सेंटर इस घटना की मुख्य कड़ी है। अदालत से मांग की गई है कि थानाध्यक्ष पनियरा से रिपोर्ट तलब की जाय, साक्ष्य (सीसीटीवी, सीडीआर, गवाहों के बयान) की जांच हो और अल्का को तुरंत बरामद किया जाय। युवती को गुमशुदा होने के बाद भी तीन महीने तक कोई ठोस जांच नहीं हुई।
पनियरा थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया की सिलाई सेंटर संचालिका, छात्रा व अज्ञात के खिलाफ अपहरण की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है।