जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय चयन समिति के साथ की बैठक
महराजगंज। मत्स्य संपदा योजना का लाभ पात्र एवं वास्तविक मत्स्य पालकों को मिले। जिससे जनपद में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय चयन समिति की आयोजित बैठक में दिए। बैठक में मत्स्य विभाग के पोर्टल पर 08 जून से 28 जून तक ऑनलाइन प्राप्त 67 आवेदनों पर विचार करते हुए पात्रता के आधार पर 61 लाभार्थियों के चयन एवं अनुमोदन को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य ग्राम सभा के पट्टे पर आवंटित तालाबों में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर मत्स्य उत्पादकता एवं मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को प्रति हेक्टेयर 4.00 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस सहायता से लाभार्थी उन्नत प्रजाति के मत्स्य बीज एवं गुणवत्तापूर्ण मत्स्य आहार का उपयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र एवं वास्तविक मत्स्य पालकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे, जिससे जनपद में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, प्रगतिशील मत्स्य पालक डॉ. संजय श्रीवास्तव तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।