- भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से फरेंदा में मुख्य केंद्र बनाते हुए चार अन्य जिलों तक होगी आपूर्ति
- गोरखपुर से गुजरने वाली गैस की क्रास कंट्री लाइन से जोड़ा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गुजरात की तरह महराजगंज समेत पांच जिलों में भी घर-घर पाइप लाइन बिछाने की कवायद शुरू कर दी गई है। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से फरेंदा में प्लांट का मुख्य केंद्र बनाते हुए महराजगंज जिला मुख्यालय समेत सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच तक पाइप लाइन के माध्यम से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाई जाएगी। वहीं जिले के वाहन स्वामियों को आसानी से सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) भी प्राप्त हो सकेगी। इस व्यवस्था पर जहां 10 हजार करोड़ का निवेश होगा, वहीं लगभग 600 लोगों को रोजगार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। इसे गोरखपुर से गुजरने वाली गैस की क्रास कंट्री लाइन से जोड़ा जाएगा।
दिन प्रतिदिन महंगी होती घरेलू गैस ने जहां घर-घर को प्रभावित किया है, वहीं पेट्रोल व डीजल के बढ़ते मूल्यों ने वाहन चालकों को विकल्प तलाशने को मजबूर कर दिया है। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की ओर से लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर फरेंदा में पीएनजी प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है। प्लांट के लगने से जहां जिले के साथ ही सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच तक घर-घर पाइप से गैस की आपूर्ति होेगी। सभी जिलों में एक छोटा केंद्र भी बनाया जाएगा जो दबाव से आने वाली गैस को नियंत्रित करते हुए जिले के घरों में बेहतर ढंग से आपूर्ति करने में सहायक हो। फरेंदा में मुख्य केंद्र बनाने के लिए 16000 वर्ग फीट से अधिक भूमि की खोज चल रही है।
280 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने पर खर्च होंगे 400 करोड़
फरेंदा में बनने वाले प्लांट के मुख्य केंद्र से जिला मुख्यालय के साथ ही बांसी होते हुए सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच तक कुल 280 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक किलोमीटर पर स्टील की पाइपलाइन बिछाने पर लगभग डेढ़ करोड़ का खर्च आएगा।
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30 लाख घरों को मिलेगा कनेक्शन, विकसित होंगे 250 स्टेशन
फरेंदा में पीएनजी प्लांट का मुख्य केंद्र बनने के बाद जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य चार जिलों के लगभग 30 लाख से अधिक घरों तक कनेक्शन को पहुंचाने का कार्य होगा। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। यही नहीं सीएनजी की सुविधा को बढ़ाने के लिए सभी पांच जिलों में लगभग 250 पेट्रोल पंपों को सीएनजी स्टेशन के रूप में विकसित करने का कार्य किया जाएगा। फरेंदा व बांसी में कुछ स्टेशन को विकसित कर दिया गया है।
एलपीजी से 20 प्रतिशत तक सस्ती होगी पीएनजी
पीएनजी गैस एलपीजी से 20 प्रतिशत तक सस्ती होगी। एलपीजी में प्रोपेन, ब्यूटेन व आइसो ब्यूटेन या तीनों गैस होती है, वहीं पीएनजी में मीथेन ही मुख्य गैस के रूप में होती है।
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पीएनजी व सीएनजी की सुविधा होगी फायदेमंद
पीएनजी प्लांट के शुरू होने से गैस को भराने ले जाने आदि की दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। आवश्यकतानुसार उसका उपयोग किया जा सकेगा।
प्रीति गुप्ता, गृहणी
पीएनजी की सुविधा बहाल होने से स्मार्ट शहरों की तरह यहां पर घरों में गैस की उपलब्धता होगी। गैस के लिए परेशान होने व भाग दौड़ करने से छुटकारा मिलेगा।
तनु गोयनका, गृहणी
पेट्रोल व डीजल की तुलना में सीएनजी वाहन पर खर्च कम है। अभी उसे गोरखपुर में भराने जाना पड़ता है, जिले में सुविधा होने से मुश्किल कम हो जाएगी।
अनूप कुमार, वाहन स्वामी
सीएनजी वाहनों के संचालन पर कम खर्च आता है। जिले में इसकी व्यवस्था से लोगों को अनावश्यक के आर्थिक नुकसान व भागदौड़ से छुृटकारा मिलेगा।
गोविंद वर्मा, वाहन स्वामी
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फरेंदा में मुख्य केंद्र बनाते हुए वहां से पांच जिलों में पाइप लाइन से पीएनजी व 250 स्टेशनों के माध्यम से सीएनजी को उपलब्ध कराने की योजना है। सुविधा के दृष्टि से कुछ कार्य करा भी दिया गया है, मुख्य केंद्र के लिए भूमि खोजी जा रही है, इस कार्य को भी प्रशासन के सहयोग से जल्द पूरा करा लिया जाएगा। इसे गोरखपुर से गुजरने वाली गैस की क्रास कंट्री लाइन से जोड़ा जाएगा।
अमरबीर, सहायक प्रबंधक भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड
भारत पेट्रोलियम कार्पोंरेशन की ओर से फरेंदा व जिला मुख्यालय पर भूमि की मांग की गई है। जिला मुख्यालय के पास चौपरिया में 1000 वर्ग फीट भूमि चिह्नित की गई है, जबकि फरेंदा में भूमि की तलाश जारी है। वेयर हाउस के लिए भी निवेशकों की ओर से नौतनवां के मुडिला के पास भूमि को चिह्नित करने की सूचना दी गई है।
अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग
फरेंदा में भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड को पीएनजी प्लांट का मुख्य केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि को उपलब्ध कराया जाएगा। लाजिस्टिक व वेयर हाउस के लिए भूमि के सर्वे का कार्य पूरा करा लिया गया है। समझौते के आधार पर भूमि को निवेशकों को क्रय कराया जाएगा। निवेशकों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा।
अनुनय झा, जिलाधिकारी
नौतनवां के पास बनेगा लाजिस्टिक एवं वेयरहाउस
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवां में रेलवे स्टेशन के पास 25 से 30 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउस बनाने की योजना है। निवेश करने वाली संस्था डीपी वर्ल्ड की ओर से इसके निर्माण पर 200 करोड़ का निवेश होगा। इससे करीब 1000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले सामानोंं को यहां तक सुविधाजनक तरीके से मंगाने व उसे जिले के विभिन्न जगहों व नेपाल राष्ट्र तक पहुंचाने में भी सहूलियत होगी। पास में बन रहे इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट व बहुउद्देशीय हब की वजह से भी इसकी महत्ता काफी बढ़ जाएगी। जिले के साथ-साथ नेपाल के भी व्यवसायी इसका लाभ लेंगे। वे सामान को आसानी से मंगाएंगे व बेहतर तरीके से उसकी बिक्री आदि करेंगे। अभी तक यह व्यवस्था न होने से उन्हें गोरखपुर से सामान उठाना पड़ता है जो कि आर्थिक रूप से उनके लिए नुकसानदायक है। निवेशकों की ओर से यह भूमि निजी तौर पर खरीदी जाएगी, प्रशासन व उद्योग विभाग की ओर से उन्हें भूमि के क्रय व अन्य सुविधा को उपलब्ध कराने मेें सहयोग प्रदान किया जाएगा।