वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे विगत एक सप्ताह से खींची जा रही गाड़ी
संज्ञान में सबकुछ लेकिन निदान को लेकर अधिकारी भी बेबस
नौतनवा। नगर क्षेत्र में गैस किल्लत की समस्या अभी भी बरकरार है। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का मध्याह्न भोजन तैयार करने में परेशानी हो रही है। रसोइया चूल्हा फूंककर किसी तरह भोजन पका रही हैं। वहीं मामले संज्ञान में होने के बाद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं।
सोमवार को कस्बा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट) में गैस सिलिंडर न मिलने के कारण रसोइया चूल्हे पर एमडीएम बनाती हुई नजर आईं। पूछने पर पता चला कि पिछले एक सप्ताह से इसी वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है। इस वजह से नौनिहालों को समय से भोजन नहीं उपलब्ध हो पा रहा है और कई तरह की परेशानियां भी सामने आ रही हैं।
प्रधानाचार्य बीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय में गैस सिलिंडर खत्म होने के बाद काफी प्रयास किया गया लेकिन नहीं मिल पाया। उच्चाधिकारियों को गैस की समस्या के संबंध में जानकारी दे दी गई है। एमडीएम प्रभावित न हो, इसको देखते हुए लकड़ी और चूल्हे के सहारे भोजन बनवाया जा रहा है, ताकि बच्चों को भूखा न रहना पड़े।
घर का सिलिंडर लाकर बना रहे मध्याह्न भोजन
ठूठीबारी। गैस किल्लत की समस्या से प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पर संकट मडराने लगा है। सोमवार की सुबह 11.10 बजे ठूठीबारी प्राथमिक विद्यालय प्रथम में मध्याह्न भोजन गैस सिलिंडर या लकड़ी चूल्हे पर बनाने की जानकारी ली गई तो अध्यापक विशम्भर पाठक ने बताया कि भारत गैस एजेंसी निचलौल में गैस कनेक्शन बहुत पहले कराया गया था। कनेक्शन के दौरान कौन सा मोबाइल नंबर फीड कराया गया इसकी जानकारी नहीं है। सिलिंडर लेने के लिए एक माह से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। लाइन में लगने के बावजूद भी सिलिंडर नहीं मिला। वहीं विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। फिर भी गैस नहीं मिल पा रहा है।
दोपहर 12.30 बजे ठूठीबारी प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में जाने पर पता चला कि गैस सिलिंडर से मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा था। प्रधानाध्यापिका रंजिता मद्धेशिया ने बताया कि विद्यालय में 53 छात्रों का नामांकन है। एक सप्ताह से गैस सिलिंडर समाप्त हो गया है। घर का सिलिंडर लाकर खाना बनवा रही हूं। विद्यालय में केवल महिला कर्मचारी है। निचलौल भारत गैस एजेंसी से कनेक्शन लिया गया है। एजेंसी पर कई बार फोन किया गया तो एजेंसी की ओर से गैस लेने के लिए निचलौल कार्यालय बुलाया जा रहा है। विद्यालय में केवल महिला कर्मचारी हैं गैस सिलिंडर विद्यालय में कैसे आएगी समस्या बनी हुई है।
दोपहर एक बजे नौतनवां क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय डगरुपुर में प्रधानाचार्य बृजेश कुमार पटेल ने बताया कि विद्यालय में 40 छात्रों का नामांकन है। गैस सिलिंडर एजेंसी पर जाकर लाना पड़ता है। गैस सिलिंडर पर ही खाना बनाया जा रहा है।
नियमित नहीं हो पा रही गैस की आपूर्ति
सिंदुरिया। मिठौरा के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में रसोई गैस की नियमित आपूर्ति नहीं होने का असर छात्रों के मिड-डे मील (दोपहर के भोजन) पर पड़ने लगा है। गैस की नियमित आपूर्ति न होने के कारण कई स्कूलों में भोजन पकाने के लिए वैकल्पिक तौर पर कही-कहीं लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। मधुबनी गांव में जूनियर सहित सहित तीन विद्यालय हैं। तीनों विद्यालयों पर गैस उपलब्ध है। मिठौरा में कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभय दूबे ने बताया कि शुरू में थोड़ी दिक्कत आई थी। दो-तीन दिन लकड़ी के चूल्हे पर मिड-डे मील बनवाया गया था, अब सही है। वहीं मंगलापुर की प्रधानाध्यापिका ललिता यादव ने बताया कि गैस का पासबुक गायब होने से चार दिन से गैस नहीं मिल रही है, जिससे बच्चों का मिड डे मील लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है।
वर्जन
प्राथमिक विद्यालयों में गैस एजेंसियों को भरे सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अगर समस्या आ रही है तो जल्द ही संबंधित एजेंसियों से बात कर समस्या समाधान कराया जाएगा।
- सिद्धार्थ गुप्ता, निचलौल एसडीएम