सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम में जुकाम और बुखार के साथ गले में दर्द के साथ बोलने में परेशानी की समस्या बढ़ गई है। चिकित्सक इसे गले का संक्रमण बता रहे है। उनका कहना है कि इन समस्याओं की अनदेखी मुश्किल बढ़ा सकती है। खांसने और अधिक बोलने पर नसों में सूजन आ जाती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और बांसी जिला अस्पताल के साथ सीएचसी पर ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सक इन्हें दवा देने के साथ गरारा करने की सलाह दे रहे हैं, जो काफी कारगर साबित हो रहा है।
बरसात के मौसम में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के साथ गले में दर्द, खराश और संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। तेज दर्द, निगलने में परेशानी, आवाज बैठना और गले में सूजन जैसी शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल बांसी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में बुखार व सर्दी-जुकाम के साथ आने वाले अधिकतर मरीजों में गले में दर्द और संक्रमण की शिकायत मिल रही है।
चिकित्सकों के अनुसार संक्रमण के कारण गले के अंदर सूजन आ जाती है, जिससे नसों में सूजन आ जाती है, जिससे बोलने और खाना निगलने में भी दिक्कत होती है। कई मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, जबकि वायरल संक्रमण में यह हमेशा जरूरी नहीं होता। आने वाले मरीजों में ज्यादातर बाेलने का काम करने वाले हैं।
इसमें शिक्षक, फेरी लगाकर सामान बिक्री करने वाले और ऐसे लोग हैं, जिन्हें जुकाम के बाद ऐसी समस्या हो जा रही है। अगर समय से इलाज कराया जाएगा तो समस्या दूर हो जाएगी। देरी करते हैं को संक्रमण बढ़ सकता है।