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Maharajganj News: दान-दक्षिणा मांगने के बहाने आभूषण चोरी के गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Sat, 20 Jun 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज

सार

पुलिस से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दान दक्षिणा व पूजा पाठ के नाम पर लोगों को विश्वास में लेकर उनके कीमती आभूषण चोरी कर लेते थे। छह जून को पुरंदरपुर क्षेत्र के देवपुर में हुई चोरी की घटना में इन्ही तीनों ने घटना को अंजाम दिया था। तीनों ने चोरी के बाद आभूषण को नेपाल ले जाकर बेंच दिया था।
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पुरंदरपुर पुलिस ने तीन ठगों को पकड़ा।  
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विस्तार
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पुरंदपुर पुलिस ने शुक्रवार को दिन में मधुकरपुर महदेवा के पुराने पंचायत भवन के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तीनों दान-दक्षिणा के बहाने आभूषण चुरा लेते थे। पुलिस काफी दिनों से उनकी तलाश कर रही थी।

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थानाध्यक्ष गौरव कन्नौजिया के अनुसार, पुरंदरपुर क्षेत्र के मधुकरपुर महदेवा के पुराना पंचायत भवन के पास मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी पकड़े गए। पकड़े गए आरोपी अखिलेश पांडेय, शेरा पांडेय, चंदन पांडेय निवासी त्रिलोकपुर खुर्द, पडरौना जिला कुशीनगर के है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दान दक्षिणा व पूजा पाठ के नाम पर लोगों को विश्वास में लेकर उनके कीमती आभूषण चोरी कर लेते थे। छह जून को पुरंदरपुर क्षेत्र के देवपुर में हुई चोरी की घटना में इन्ही तीनों ने घटना को अंजाम दिया था। तीनों ने चोरी के बाद आभूषण को नेपाल ले जाकर बेंच दिया था।

पुलिस ने बताया कि उनके पास से 5,760 रुपये नकद, एक सोने की नथुनी और एक बाइक बरामद की गई थी। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार आदि रहे।

देवी देवताओं का भय दिखाकर बनाते थे शिकार
पुरंदरपुर पुलिस ने मधुकरपुर महदेवा से जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया वह ग्रामीणों को देवी-देवताओं का भय दिखाकर शिकार बनाते थे। उसके बाद उनके आभूषण लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पूजा-पाठ व दान दक्षिणा के बहाने के सुनसान घरों में पहुंचते थे।
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घर के मुखिया को देवी-देवता का प्रकोप होने और कमाई में कमी होने का झांसा देकर उनसे पूजा पाठ कराने की सलाह देते थे। इसके बाद लोग पूजा पाठ कराने के लिए राजी हो जाते थे। आरोपी पूजा के लिए आभूषण लाने की बात कहते थे।

पूजा-पाठ के दौरान पूजा सामग्री व पीपल का पत्ता व पानी लाने के बहाने उनको इधर उधर भेज देते थे। इसी दौरान आभूषण को पूजा के स्थल पर ढंकने, उसे न छूने व फिर निकालकर पहनने की सलाह देकर चले जाते थे। फिर आरोपी किसी बहाने से आभूषण निकाल कर उठा ले जाते थे। जब घर के मालिक ढंके हुए जगह से आभूषण खोजते तब उन्हें खुद को ठगा होने की जानकारी होती थी।
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