गोरखपुर, लखनऊ और उन्नाव निवासी तीन पुरुष व एक महिला गिरफ्तार
फर्जी नियुक्ति पत्र बांटकर युवाओं को बनाते थे शिकार
ठगी की शिकार महिला के शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
महराजगंज। बेरोजगार युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का शनिवार को पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है। दो लोगों की शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
गिरफ्तार आरोपियों में राजचन्द्रा उर्फ अजीत, निवासी बड़हलगंज, गोरखपुर, आमोद राठौर, निवासी जानकीपुरम, लखनऊ, कुलदीप, निवासी नरेंद्र नगर, उन्नाव और आराधना कुमारी, निवासी उन्नाव, वर्तमान पता इंदिरानगर, लखनऊ बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ठगी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
जानकारी के अनुसार, गिरोह नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी सरकारी विभागों और प्रतिष्ठित निजी संस्थानों में नियुक्ति कराने का भरोसा देकर पहले विश्वास जीतते थे, फिर उनसे बड़ी रकम वसूल लेते थे। इसके बाद फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज युवाओं को सौंप दिए जाते थे। जब तक पीड़ितों को ठगी का एहसास होता तब तक आरोपी लाखों रुपये लेकर फरार हो चुके होते थे। निचलौल थाने की पुलिस, एसओजी और स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है।
निचलौल थाने में पीड़िता रीना चौधरी निवासी पिपराकाजी थाना निचलौल की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा जमुई कला निवासी अभय कुमार मद्धेशिया ने ठूठीबारी थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। प्राथमिकी की विवेचना के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार की गई निगरानी के आधार पर पुलिस ने लखनऊ, गोरखपुर और उन्नाव से चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
डिजिटल लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष निचलौल अंकित सिंह, उपनिरीक्षक संदीप यादव, बृजेश कुमार सिंह, स्वॉट प्रभारी आशीष कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश कुमार सिंह समेत तमाम पुलिसकर्मी रहे।
वर्जन
गिरोह ने कितने लोगों से ठगी की है इस मामले की जांच की जा रही है। अन्य मामले सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
- सिद्धार्थ, एडिशनल एसपी