छह महीने से सक्रिय थे धंधेबाज, दोनों आयोजकों पर प्राथमिकी
युवाओं को गेम खेलने के गुर सिखाने और कम समय में अमीर बनने का दिया गया था लालच
परतावल। नगर के परतावल चौराहे के पास स्थित एक मैरिज हॉल में आयोजित की गई फ्री फायर गेमिंग टूर्नामेंट की तैयारियां करीब छह माह से की जा रही रही थीं। आयोजक सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार कर रहे थे। युवाओं को गेम खेलने के गुर सिखाने के साथ-साथ कम समय में अमीर बनने का लालच दिया जा रहा था। इसी झांसे में आकर बड़ी संख्या में नवयुवक इस आयोजन से जुड़ गए।
गेमिंग टूर्नामेंट के आयोजकों को जरा सा भी आभास नहीं रहा कि पुलिस प्रशासन भी सोशल मीडिया पर सक्रिय है और उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। मैरिज हॉल में युवकों की भीड़ इकट्ठा होते ही पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करते हुए मैरिज हॉल को सील कर दिया। पुलिस के पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मचने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पहुंचे करीब 600 युवा एकाएक लापता हो गए। जांच में पता चला कि आयोजन के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद तत्काल मैरिज हॉल को सील करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि आयोजक दीपांशु पटवा और हर्ष पटवा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच-पड़ताल की जा रही है।
नवयुवकों को लुभाने के लिए बुलाए थे इन्फ्लुएंसर
परतावल। फ्री फायर गेमिंग टूर्नामेंट को आकर्षक बनाने और अधिक से अधिक नवयुवकों को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजकों ने सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध 20 से अधिक इन्फ्लुएंसर गेस्ट बुलाए थे। इन प्रभावशाली मेहमानों के नाम और फोटो लगाकर विशेष प्रचार कार्ड भी छपवाए गए थे। इस कार्ड को सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया।
आयोजकों ने इन इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से युवाओं में यह संदेश फैलाया कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर न केवल नाम और पहचान मिलेगी, बल्कि कम समय में अच्छी कमाई का अवसर भी प्राप्त होगा। इसी प्रचार रणनीति के चलते आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नवयुवक आयोजन स्थल तक पहुंचे थे। कई नवयुवक सिर्फ सोशल मीडिया स्टॉर्स से मिलने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की चाह में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। आयोजकों ने इन इन्फ्लुएंसर गेस्ट्स को मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया था। संवाद