- प्रतिबिंब पोर्टल और एनसीआरपी की जांच के बाद दोनों खाताधारकों पर एफआईआर
महराजगंज। साइबर ठगी की रकम खातों में पहुंचने के बाद उसे निकालने के आरोप में साइबर थाना पुलिस ने दो खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों खातों में शिकायतकर्ताओं से ठगी गई रकम पहुंचने और इसके बाद खाताधारकों की ओर से रकम निकालने का मामला सामने आया है। कार्रवाई प्रतिबिंब पोर्टल पर मिले संदिग्ध कैश आउट की सूचना के आधार पर की गई।
पहला मामला निचलौल क्षेत्र के औराटार गांव निवासी करन प्रजापति से जुड़ा है। साइबर पुलिस के अनुसार प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध एटीएम-चेक कैश आउट प्रदर्शित होने के बाद संबंधित खाते की जांच एनसीआरपी पोर्टल पर की गई। एचडीएफसी बैंक के खाते में दो साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। जांच में सामने आया कि दोनों शिकायतों से संबंधित कुल 1.70 लाख रुपये पांच और छह जनवरी 2026 को खाते में आए थे। पुलिस के मुताबिक रकम आने के बाद खाताधारक करन प्रजापति ने छह जनवरी को चेक के जरिये एक लाख रुपये निकाल लिए। इसे पुलिस ने प्रथमदृष्टया ठगी में संलिप्तता का संकेत माना है।
दूसरा मामला फरेंदा क्षेत्र के आनंदनगर स्थित वार्ड नंबर चार चौराहिया गोला निवासी प्रोग्रेश से जुड़ा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाता की एनसीआरपी पर जांच में शिकायत दर्ज मिली। बैंक से प्राप्त विवरण के अनुसार खाते में शिकायत से संबंधित 51 हजार रुपये की रकम पहुंची थी। पुलिस के अनुसार इसके बाद 25 अगस्त 2026 को खातेधारक ने एटीएम के जरिये 10 हजार, इसके बाद फिर 10 हजार और 4,500 रुपये की निकासी की। एटीएम की यूनिक आईडी भी जांच में दर्ज की गई है।
साइबर थाना प्राभारी मो. रशीद खां ने बताया कि दोनों मामलों में खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब खातों में रकम भेजने वाले स्रोत, निकासी के तरीके और ठगी की मूल शिकायतों से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।