महराजगंज। क्रेडिट कार्ड पर ऑफर कर झांसा देकर निचलौल कस्बे के कोर्ट मुहल्ला निवासी एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने दो लाख की ठगी कर ली। शिकायत पर साइबर थाने में केस दर्ज हुआ है।
कोर्ट मुहल्ला वार्ड नंबर सात निचलौल निवासी आजाद अली अंसारी ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक का क्रेडिट है। एक कालर ने फोन करके बताया कि क्रेडिट कार्ड पर ऑफर है। इससे आपको बजाज एलियांस का क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है। उसे मना कर दिया, लेकिन काल समाप्त होने के बाद फोन हैंग हो गया, जैसे ही फोन को रिस्टार्ट किया तो फोन का मैसेज बाक्स खुल नहीं रहा था।
भारतीय स्टेट बैंक से बैंलेंस डिक्लेयरेशन काल आ रहा था, लेकिन कॉल डिक्लाइन कर दिया, फिर भी भारतीय स्टेट बैंक के एप पर जाकर जांच किया तो बैलेंस कट चुका था, जबकि हकीकत में बैंक की ओर से ऐसा काल या संदेश नहीं आया था।
धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद सच्चाई की जानकारी हुई। उन्होंने बताया कि खाते से कुल 2,08841 कट गया था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक लिंक वाट्सएप पर आया था। इसे समझ नहीं पाया। इस वजह से समस्या हो गई। प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम सजनू यादव ने मामले में केस दर्ज करने की पुष्टि की।
सही जानकारी होने पर कुछ लोगों के पैसे मिल जाते हैं वापस
आईटी विशेषज्ञ अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि किसी के फोन को रिमोट कंट्रोल वाले एप के जरिए हैक किया जा रहा है और फिर अकाउंट खाली किए जा रहे हैं तो किसी को कुरियर डिलीवरी के नाम पर चूना लगाया जा रहा है। सही जानकारी होने पर कुछ लोगों के पैसे वापस मिल जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग सोशल मीडिया पर बदनाम होने से भी बच जाते हैं। सरकार ने साइबर क्राइम या फ्रॉड की शिकायत करने के लिए एक पोर्टल बनाया है जहां से आप किसी भी तरह के साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं। फिशिंग ईमेल आपके बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी या ऑनलाइन सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले ईमेल की तरह दिखते हैं। स्कैमर बैंक खाते में संदिग्ध गतिविधियों और अविश्वसनीय ऑफर का झांसा देकर शिकार बनाते हैं।
परिचित नंबर के इंटरनेट काॅल ही रिसीव करें
साइबर ठगी से बचाने के लिए संचार कंपनियां उपभोक्ताओं को जागरूक कर रही हैं। फोन करने पर साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के उपाय बताए जा रहे हैं। अगर ठगी के शिकार हो गए हैं तो अगला कदम क्या उठाएं। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ट्राई (दूर संचार नियामक) के निर्देश पर न बीएसएनएल ही नहीं निजी कंपनियां भी जागरूक कर रही हैं। यह भी बताया जा रहा कि परिचित नंबर के इंटरनेट काॅल ही रिसीव करें।