निचलौल/सिंदुरिया। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के हरखोड़ा गांव में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना वितरण में धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। बृहस्पतिवार को न्यायालय के आदेश पर सिंदुरिया पुलिस ने ग्राम प्रधान उसके पति और सचिव के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। हरखोड़ा निवासी पीड़ित मुहम्मद आमीर रजा ने न्यायालय में दाखिल वाद में बताया कि ग्रामसभा हरखोड़ा में वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 86 पक्का मकान निर्माण के लिए आदेश आया था। ग्राम सभा के 155 लोगों ने आवास बनवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस दौरान ग्राम प्रधान अनीता पति कमलेश गुप्ता अपात्रों से मिलीभगत कर पात्र लाभार्थियों के साथ धोखाधड़ी करने लगे।
इतना ही नहीं ग्राम प्रधान विभागीय अधिकारियों के सह पर आवास योजना में धनउगाही भी किए। ऐसे में ग्राम सभा के अधिकांश पात्र व्यक्ति योजना का लाभ पाने से वंचित हो गए। उसके बाद उन्होंने आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत सचिव अखिलेश कुंवर द्विवेदी से जांच कराया। इस दौरान अमरावती और रमनी अपात्र पाए गए, हालांकि दोनों अपात्र महिलाओं को योजना का धन मिल चुका था।
धन मिलने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं हुआ था। यह भी आरोप है कि आवास की उक्त रकम को ग्राम प्रधान ने कुछ विभागीय कर्मचारियों की मदद से गबन कर लिया। आवासीय रकम की अभी तक रिकवरी भी नहीं हो सकी है। काफी प्रयास के बाद शिकायत पर ही पुनः मुख्य विकास अधिकारी ने एक बार फिर से जिला कृषि अधिकारी को जांच करने के लिए निर्देशित किया।
वहीं जिला कृषि अधिकारी की ओर से कि गई जांच में सुमन वर्मा, अमरावती, त्रिभुवन व रमनी सहित चार लोग अपात्र मिले। ऐसे में आवास योजना में धोखाधड़ी की दो बार हुई जांच में मिले अपात्रों के बावजूद भी ग्राम प्रधान और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब उन्हें आवास योजना की शिकायत को वापस लेने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि शिकायत के बाद ग्राम प्रधान ने मनरेगा मजदूरों को घर भेजकर उनकी और पत्नी की पिटाई करा चुका है।
मामले में पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन ग्राम प्रधान के रसूख के आगे वह बेबस है। ऐसे में वह लोग काफी डरे और सहमे हुए हैं। सिंदुरिया थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा के अनुसार, ग्राम प्रधान अनीता, प्रधान पति कमलेश गुप्ता और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।