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Maharajganj News: ब्रिटेन का नागरिक साबित होने के बाद जार्डन के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा बढ़ी

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11 जुलाई को बिना वीजा पासपोर्ट के नेपाल जाने की कर रहा था कोशिश
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कारागार से वीसी के जरिये न्यायालय में हुई जार्डन ब्राउन की पेशी
महराजगंज। बिना वीजा पासपोर्ट नेपाल जाने की कोशिश में दबोचे गए विदेशी जॉर्डन ब्राउन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई गई है। शनिवार कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने धोखाधड़ी की तीन धाराओं के बढ़ाए जाने की जानकारी कोर्ट को दी। जांच में जॉर्डन के ब्रिटेन का निवासी साबित होने पर यह कार्रवाई की गई है। अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।
11 जुलाई को एक विदेशी नागरिक बिना वीजा व पासपोर्ट के नेपाल जाने की कोशिश में एसएसबी के हत्थे चढ़ा था। सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के बाद उसे सोनौली कोतवाली सौंपकर तहरीर दिया। इसके बाद उसके खिलाफ आव्रजन व विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। 12 जुलाई को रविवार होने के कारण इससे लोकल व बाहर की खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की लेकिन वह अलग-अलग बयान देकर सुरक्षा एजेंसियों को परेशान करता रहा।
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न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद उसे कारागार भेजा गया। शनिवार को भी जिला कारागार से उसे अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कारागार प्रशासन ने पेश किया। पुलिस की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनूप सिंह ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ व जांच के आधार पर जानकारी मिली है कि जार्डन मूल रूप से ब्रिटेन का नागरिक है। इसके पिता एलेन मेट्रिक व माता का नाम क्रिस्टीन है।
जार्डन की जन्मतिथि 1989 है और इसने पूछताछ में एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की। इसके पास से अमेरिका से जारी फर्जी डीएल प्रपत्र मिला जिससे साबित होता है कि इसने पहचान छिपाई और मोबाइल तोड़कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की। कोर्ट में आरोपी की तरफ से विधिक सेवा प्राधिकरण के आशुतोष पांडेय ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश देवेंद्र प्रताप सिंह ने अगली सुनवाई के लिए छह अगस्त की तिथि तय की।
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वर्जन

जार्डन को सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायालय के सामने पेश किया गया। जब तक पुलिस की तरफ से चार्जशीट नहीं दाखिल होती वीडियो कांफ्रेंस के जरिये ही इसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
-वीके गौतम, अधीक्षक, कारागार, महराजगंज।
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