महराजगंज। जिले में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से चार पुल बनेंगे। इन पुलों के बनने से करीब एक लाख की आबादी को फायदा पहुंचेगा। 2.20 करोड़ रुपये से छपिया गांव के पास नारायणी शाखा नहर पर दो पुल और करीब डेढ़ करोड़ रुपये से खेमपिपरा और पकड़ी नौनिया में पुल बनेगा। जल्द ही चारों पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिले के छपिया गांव के पास नारायणी शाखा नहर पर जर्जर दो पुल के स्थान नया पुल जल्द ही बनेगा। दोनों पुलों के बनने से करीब 60 हजार की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। इस पुल पर दो करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे। विभाग की ओर से अक्तूबर में पुल निर्माण शुरू कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जिले के सदर तहसील क्षेत्र में नारायणी शाखा पर स्थित छपिया के पास दोनों पुल लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। इन पर से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। छपिया, बसवार, विशुनपुर खुर्द, बेलवा खुर्द, सिसवा मुंशी, बरगदही, जमुनिया और बलुआ जैसे गांवों के लोग इन पुलों पर निर्भर हैं।
ग्रामीण अजय कुमार ने बताया कि जर्जर पुल से आवागमन खतरे से खाली नहीं है। प्रकाश राव ने बताया कि इन पुलों के निर्माण लिए कई बार सिंचाई विभाग को प्रार्थना पत्र दिया गया था। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस समस्या को विभाग के सामने रखा और इस समस्या के समाधान मांग की। सिंचाई विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए यहां पुल को स्वीकृत कर लिया।
सहायक अभियंता सिंचाई विभाग जितेंद्र कुमार मल्ल ने बताया कि दोनों पुलों के निर्माण के लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और बजट जारी होने के बाद अक्तूबर से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
नहर का पानी कम होने पर शुरू होगा काम
महराजगंज। महराजगंज रजवाहा पर स्थित खेमपिपरा और पकड़ी नौनिया के दो जर्जर पुलों के स्थान पर जल्द ही नए पुलों का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। इन पुलों के निर्माण से क्षेत्र की करीब 40 हजार आबादी को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। दोनों पुलों के निर्माण पर कुल डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आएगी। जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं,और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। विभाग के अनुसार, अक्तूबर या नवंबर में नहर में पानी का प्रवाह कम होने पर निर्माण कार्य शुरू होगा। महराजगंज रजवाहा पर स्थित खेमपिपरा और पकड़ी नौनिया के दोनों पुल लंबे समय से जर्जर हालत में हैं।
स्थानीय निवासी गायत्री देवी ने बताया कि इस पुल से रात में आने-जाने में हमेशा भय बना रहता है। कहा कि पुल की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी तरह, पकड़ी नौनिया के पास स्थित पुल की स्थिति भी चिंताजनक है। स्थानीय निवासी गोबिंद ने बताया कि इस पुल से गुजरने में हर समय खतरा बना रहता है। कहा कि पुल की सतह टूटी हुई है और बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है।
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खेमपिपरा व पकड़ी नौनिया में दोनों स्थानों पर जर्जर पुल की जगह नया पुल का निर्माण कार्य जल्द ही प्रारंभ होगा। इसके लिए विभाग की ओर सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। टेंडर जारी हो चुका है। अक्तूबर में पानी बंद होने के बाद पुलों का निर्माण कार्य शुरू होगा।
जयहिंद भारती, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग