पूर्व सांसद हर्ष वर्धन का अंतिम संस्कार बुधवार को फरेंदा-महराजगंज मार्ग पर रोहिन नदी के त्रिमुहानी घाट पर किया गया। उनकी चिता को पोते यश वर्धन ने मुखाग्नि दिया। पूर्व सांसद के चिता में पोते के आग लगाते ही उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गयी।
फरेंदा के जंगल जोगियाबारी में पूर्व सांसद हर्ष वर्धन का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह चार बजे पहुंचते ही उनके शुभचिंतकों की लाइन लग गई। लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। सुबह साढ़े नौ बजे उनका शव यात्रा निकला तो पूरा मार्ग दर्शनार्थियों से भर गया। नम आंखों से उनके भाई इंद्र प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह और आनंद वर्धन सिंह सहित कांग्रेस के कार्यकर्ताओं उनके पार्थिव शरीर को कंधे पर उठाया तो सबकी आंखें भीग गई। पूर्वांचल के किसान नेेता हर्ष वर्धन सिंह अमर रहे के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पूर्व सांसद के शव यात्रा के दौरान बेटी सुप्रिया सिंह पोता यश वर्धन सिंह के सहयोग में लगी रही। बाबा को पिंड दान के दौरान क्षेत्र वासियों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शव यात्रा के दौरान भारी काफिला त्रिमुहानी घाट पर पहुंचा। जहां पर पूर्व सांसद हर्ष वर्धन सिंह को राजकीय सम्मान के साथ गॉड आफ आर्नर दिया गया। सीअं फरेंदा चंद्रदेव प्रसाद ने उन्हें श्रद्धांजली दी।