विदेशी महिला के आधार कार्ड पर नाम वंदना सिंह पुत्री किशोर सिंह निवासी 213/3 बरवी कहरा महोबा यूपी अंकित है। विदेशी महिला नागरिक के बारे में पता चला कि उसका सही नाम कोलिंन पैट्रिक लिंच उम्र 35 वर्ष है। वह मूलतः 15 मिलर स्ट्रीट राहोबोथ एमए यूएसए की रहने वाली है।
झुसी प्रयागराज आश्रम में नौ मार्च तक रही विदेशी महिला
पकड़ी गई विदेशी महिला सबसे पहले वैध वीज़ा व पासपोर्ट पर वर्ष 2010 में आई थी। इसके बाद कई बार भारत आती जाती रही है। 28 सितंबर 2019 को वह भारतीय ई-वीज़ा लेकर दिल्ली आई और उसके बाद वह 9 मार्च 2023 तक क्रिया योगा आश्रम एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट झूंसी प्रयागराज यूपी में रही। इसके बाद वह चली गई।
जांच में पता चला की विदेशी महिला आश्रम से जाने के बाद ई - वीज़ा, क्रमांक -900AFD28N पर 19-मार्च-2023 को स्विट्जरलैंड से मुंबई आई, लेकिन इस बार मुंबई एयरपोर्ट पर उसका इंट्री रिफ्यूज कर दिया गया। उसका भारत में आने का वीजा वैध नहीं था। उसे भारत में आने की अनुमति नहीं दी गई और उसे वापस स्विट्जरलैंड भेज दिया गया। उसके पासपोर्ट पर 20 मई 2023 को स्विट्जरलैंड का आगमन इमीग्रेशन मोहर एवं 21-मई-2023 को स्विट्जरलैंड से प्रस्थान की मोहर उपलब्ध है।
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22 मई को काठमांडों में रूकी थी महिला
गिरफ्तार यूएसए की महिला 22-मई 2023 को नेपाल पहुंची, जहां वह नेपाल के निवासी मोहन प्रसाद लमीछाने निवास का पता मकान क्रमांक 15 बलाजु हाइट मुंसिएएलिटी बागमती काठमांड़ों नेपाल के साथ उसके घर पर रही। नेपाल के काठमांड़ों में उक्त यूएसए की महिला नागरिक आश्रम के योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
पूछताछ में पता चला कि 12-जून-2023 को विदेशी महिला एक कार से भारत में बिना एमिग्रेशन प्रक्रिया पूरा किए अनाधिकृत तरीके से प्रवेश की और इलाहाबाद के उसी आश्रम में रहने लगी। आश्रम से उसको फर्ज़ी आधार कार्ड गया। फिर उसे ज्ञात हुआ कि उसका नेपाल का वीजा 19-अगस्त 2023 को समाप्त हो रहा है। इसलिए वह नेपाल वीज़ा वैद्यता विस्तार के लिए जा रही थी, जो मुख्य गेट सीमा सोनौली पर रूटीन जांच के दौरान पकड़ी गई।
नौतनवां क्षेत्राधिकारी आभा सिंह ने कहा कि भारत से नेपाल जाने वाले लोगों की जांच हो रही थी। इस दौरान एक विदेशी महिला फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ी गई। वह काफी समय से भारत मे अवैध रूप से रह रही थी। केस दर्ज कर न्यायालय चालान किया गया।